
कांग्रेस के नवनियुक्त दोनों अध्यक्ष ने दूसरे ही दिन राज्य शासन के खिलाफ मोर्चा खोला….नेहरू चौक में मुख्यमंत्री का पुतला जलाया…..
बिलासपुर– जिला काग्रेस कमेटो के ग्रामीण और शहर अध्यक्ष की नियुक्ति के दूसरे ही दिन महेंद्र गंगोत्री और सुधांशु मिश्रा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ दिया ।दोनों अध्यक्षों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ नेहरू चौक में रविवार को पुलिस को चकमा देते हुए मुख्यमंत्री का पुतला जलाया ।
कांग्रेसजन कांग्रेस भवन में एकत्र हुए औरजिस “रजिस्ट्री की नई गाइडलाइन वापस लो”, “5 डिसमिल जमीन की बिक्री बंदी खत्म करो” जैसे नारों के साथ जुलूस की शक्ल में नेहरू चौक पहुंचे।

जुलूस के पीछे-पीछे पुलिस बल भी चल रहा था, लेकिन जैसे ही कार्यकर्ता नेहरू चौक पहुंचे, प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया और नेहरू चौक के पहले ही कांग्रेसजनों ने मुख्यमंत्री के पुतले को आग लगा दी। आग लगते ही पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी शुरू हो गई। तब तक कांग्रेसियों ने दूसरा पुतला भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस के बोतल का पानी खत्म हो चुका था। नेहरू चौक पर सभी थानों के टीआई की ड्यूटी लगाई गई थी।
इस मौके पर नवनियुक्त शहर अध्यक्ष सिद्धांशु
मिश्रा ने कहा कि विष्णुदेव सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री में 100% से अधिक वृद्धि कर मध्यम वर्ग के सपनों को चकनाचूर कर दिया है।
उन्होंने कहा जनता पहले से महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है।मध्यम वर्ग जीवनभर की पूंजी से घर बनाता है, लेकिन नई गाइडलाइन से जमीन खरीदना ही मुश्किल हो गया है।पूरी पूंजी जमीन में लग जाएगी, मकान बनाने की क्षमता ही खत्म हो जाएगी।
नई गाइडलाइन से रजिस्ट्री लगभग ठप हो गई है, जिससे भविष्य में सरकार को भी राजस्व नुकसान की आशंका है।
कांग्रेस ने इस “अव्यवहारिक निर्णय को तत्काल वापस लेने” की मांग की।
ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री बंद कर सरकार ने गरीबों पर सीधा हमला किया है।उन्होंने कहा—गरीब अपने छोटे-छोटे सामाजिक कामों के लिए जमीन बेचने का विकल्प भी खो बैठेगा।छोटे हिस्सों वाली जमीन पर न तो हिस्सेदार अपना मकान बना सकेंगे, न बेच सकेंगे।भाजपा सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा गरीब परिवारों को भुगतना पड़ेगा।जिन्होंने भाजपा पर विश्वास किया, आज वही सरकार गरीबों के मकानों पर अवैध बताकर बुलडोज़र चला रही है। सरकार उद्योगपतियों की कठपुतली बन चुकी है।
पुतला दहन प्रदर्शन में निवृतमान जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी, विजय पांण्डेय,पूर्व विधायक सियाराम कौशिक,प्रदेश पदाधिकारी पंकज सिंह, देवेंन्द्र सिंह, स्वप्निल शुक्ला,नरेंद्र बोलर, आशीष गोयल, भरत कश्यप, राकेश शर्मा, ऋषि पांण्डेय, समीर अहमद, जावेद मेमन, विनोद साहू, शेरू असलम, गीतांजलि कौशिक, लक्ष्मी नाथ साहू, अमित यादव, सीमा घृतेश, स्वर्णा शुक्ला, सतकली बावरे, बाबा खान, नीलेश यादव, आदिल खैरानी, रणजीत खनूजा, वीरेंद्र गौरहा, अशोक भंडारी, इब्राहिम अब्दुल, सुनील सोनकर, देवेंद्र मिश्रा, शाहनवाज़ खान, संदीप बाजपेयी, मनीष गढेवाल, सुरेश टण्डन, विकास सिंह, गोपाल दुबे, अनस खोखर, मार्गेट बेंजामिन, अभिलाष रजक, संतोष ढीमर, शेख निजामुद्दीन, जयपाल मानिकपुरी, रामकृष्ण राव, मुरली राव, मयंक गौतम, शहज़ादा खान, सुभाष ठाकुर, विक्की, राकेश यादव, दिनेश सूर्यवंशी, अन्नपूर्णा ध्रुव, बजरंग बंजारे, हरमेन्द्र शुक्ला, मनोज सिंह, आशु शर्मा आदि मौजूद थे।



