छत्तीसगढ़ में कोल कारोबार पर आईटी का बड़ा प्रहार, फिल ग्रुप के ठिकानों पर छापा, प्रवीण झा जांच के घेरे में…..

बिलासपुर–छत्तीसगढ़ के कोल कारोबार में लंबे समय से चल रही गड़बड़ियों पर आखिरकार आयकर विभाग ने बड़ा एक्शन ले लिया है। बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले में कोयला कारोबार से जुड़े बड़े उद्योगपतियों के ठिकानों पर आयकर विभाग (IT) की टीम ने एक साथ छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया है। इस कार्रवाई का सबसे बड़ा फोकस बिलासपुर के फिल ग्रुप और उसके मालिक प्रवीण झा बताए जा रहे हैं।

फिल ग्रुप पर शिकंजा, फैक्ट्री से घर तक जांच….

बिलासपुर में आयकर विभाग की टीम ने फिल ग्रुप की फैक्ट्री, कार्यालय और रामा वर्ल्ड स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। IT के अधिकारी खुद को SIR (Survey / Inspection Report) टीम बताकर पहुंचे, जिनकी गाड़ियों पर SIR के स्टीकर लगे हुए थे ताकि किसी को शक न हो।

श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित फिल ग्रुप के कार्यालय में घंटों तक दस्तावेज खंगाले गए। टीम ने कंप्यूटर, अकाउंट बुक्स, हार्ड डिस्क, बैंक ट्रांजैक्शन, कोल खरीद-फरोख्त के कागजात और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर जांच शुरू की।

कोल वॉशरी में गड़बड़ी और टैक्स चोरी के गंभीर आरोप….

आयकर अधिकारियों की शुरुआती जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, कोल वॉशरी में बड़े पैमाने पर कोल मिक्सिंग, उत्पादन से ज्यादा बिक्री दिखाना और वास्तविक आय छिपाकर टैक्स की भारी हेराफेरी किए जाने के संकेत मिले हैं।

जांच एजेंसियों को शक है कि फिल ग्रुप ने कारोबार से होने वाली वास्तविक कमाई की तुलना में बेहद कम टैक्स चुकाया। टैक्स बचाने के लिए फर्जी बिलिंग, लेन-देन को अलग-अलग खातों में घुमाने और खर्च बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने जैसे हथकंडे अपनाए गए।

प्रवीण झा की भूमिका पर सवाल…..

फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा अब आयकर विभाग की रडार पर हैं। जानकारों का कहना है कि कंपनी के कई फैसले सीधे तौर पर मालिक के स्तर से लिए गए, जिससे टैक्स चोरी की आशंका और गहरी हो गई है। रिकॉर्ड में मिली खामियों और असंगत आंकड़ों ने जांच एजेंसियों के संदेह को और मजबूत कर दिया है।

हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी फिलहाल मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन अंदरूनी चर्चा है कि यह मामला सिर्फ सर्वे तक सीमित नहीं रहेगा और आगे बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।

GST रेड से जुड़ा है पूरा मामला….

गौरतलब है कि दिसंबर महीने में बिलासपुर में स्टेट GST की टीम ने भी तीन बड़े कोल कारोबारियों के यहां रेड की थी। उस कार्रवाई के दौरान:

* महावीर कोल वॉशरी ने 10 करोड़ रुपए
* फिल ग्रुप ने 11 करोड़ रुपए
* पारस कोल वॉशरी ने 6 करोड़ 50 लाख रुपए

इस तरह कुल 27 करोड़ 50 लाख रुपए सरेंडर किए गए थे। माना जा रहा है कि GST विभाग से मिले इनपुट और खुफिया जानकारियों के आधार पर ही अब आयकर विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।

जांजगीर-चांपा में तिरुपति मिनरल्स पर भी छापा….

इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के चांपा-बिर्रा रोड स्थित तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय पर भी IT की टीम ने छापा मारा है। कोयला कारोबारी अंशुमान मुरारका के दफ्तर में सुबह से अधिकारी मौजूद हैं और आय-व्यय, बैंक लेन-देन व वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।

कार्रवाई जारी, बड़े खुलासों की संभावना…..

आयकर विभाग की यह कार्रवाई अभी जारी है और आने वाले दिनों में कोल कारोबार से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। सूत्रों का दावा है कि जांच आगे बढ़ने पर **करोड़ों की टैक्स चोरी** और संगठित आर्थिक अनियमितताओं का पूरा नेटवर्क उजागर हो सकता है।

फिलहाल पूरे मामले पर आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ के कोल कारोबार में इस रेड ने भूचाल जरूर ला दिया है।

Related Articles

Back to top button