
सूत ना कपास,जुलाहों में लट्ठम-लट्ठा ……बिलासपुर मेयर के निलंबन के बाद महापौर कुर्सी के लिए बीजेपी…कांग्रेस…में शीत युद्ध शुरू……चुनावी समर में खड़ी हो गई एक नई मुसीबत…..
बिलासपुर–दरअसल बिलासपुर मेयर रामशरण यादव की सदस्यता निलंबित कर दी गई है। रामशरण यादव के खिलाफ पार्टी नेताओ के खिलाफ़ बोलने पर यह कठोर कार्रवाई की गई है। मेयर रामशरण यादव और पूर्व कांग्रेसी विधायक अरुण तिवारी के वायरल ऑडियो में टिकट वितरण को लेकर करोड़ों की लेन देन की बात कही गई थी।
ऑडियो में स्पष्ट रूप से प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के खिलाफ़ बयानबाजी की गई थी,जिसे पीसीसी ने संज्ञान में लिया और 24 घन्टे के भीतर मेयर से जवाब तलब किया गया।सन्तोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रामशरण यादव को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।
बिलासपुर के इस राजनैतिक घटनाक्रम से सियासी जगत में भूचाल आ गया।लेकिन महापौर के निलंबन के बाद शहर के सियासी फ़िजा में अब एक अलग तरह की चर्चा शुरू हो गई है।दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच अब अगला महापौर कौन की कानाफूसी तेज़ हो गई है।
पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विपक्षी दल ने फिल्डिंग भी शुरू कर दी है।दूसरे चरण के चुनाव से पहले भाजपा अब सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को एक जोर का झटका लगा है तो वहीं विपक्ष का बैठे बिठाए एक गरमागरम मुद्दा मिल गया।