
रेल हादसे पर कांग्रेस का बवाल…. जीएम ऑफिस का घेराव…. गेट पर चढ़े कार्यकर्ता.. जांच रिपोर्ट छिपाने का आरोप…. कांग्रेस की चेतावनी अब और बड़ा आंदोलन होगा…
बिलासपुर–हाल ही में हुए रेल हादसे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को रेलवे जीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह रामलीला मैदान में जुटने के बाद सैकड़ों कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कार्यालय पहुंचे और गेट के बाहर नारेबाज़ी की। भीड़ के बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस व RPF की अतिरिक्त तैनाती की गई और सुरक्षा कारणों से कार्यालय के गेट अंदर से बंद कर दिए गए। इसके बावजूद कार्यकर्ता गेट पर चढ़कर विरोध जताते रहे।

मुआवजे और नौकरी की मांग तेज…..
कांग्रेस नेताओं ने मृतकों को 1-1 करोड़, गंभीर घायलों को 50 लाख रुपये मुआवजा और प्रभावित परिवारों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग की। उनका आरोप था कि रेलवे हादसे की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने से बच रहा है। अपोलो अस्पताल में भर्ती मासूम बच्चे की स्थिति को नेताओं ने “अमानवीय लापरवाही का नतीजा” बताया। आंदोलन के दौरान रेलवे अधिकारी समीरकांत माथुर को ज्ञापन सौंपा गया।

जांच रिपोर्ट गोपनीय रखी तो बड़ा आंदोलन…
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जांच रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक नहीं की गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर आंदोलन किए जाएंगे। नेताओं ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “अवार्ड लेने में आगे रहने वाला रेलवे जिम्मेदारी तय होने पर चुप्पी साध लेता है।”
4 नवंबर को हुआ था हादसा…..
कोरबा से बिलासपुर आ रही पैसेंजर ट्रेन गतौरा और लालखदान स्टेशन के बीच मालगाड़ी से टकरा गई थी। बताया गया कि जिस लाइन पर पैसेंजर ट्रेन दौड़ रही थी, उसी ट्रैक पर पहले से मालगाड़ी खड़ी थी। प्राथमिक जांच में सिग्नल सिस्टम की खामी या मानवीय भूल को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है। टक्कर इतनी भयानक थी कि पैसेंजर ट्रेन का इंजन मालगाड़ी पर चढ़ गया और यात्रियों में भगदड़ मच गई।




