एवीएम न्यू सैनिक स्कूल का पहला दिन..प्रजापति ब्रह्मकुमारी मंजू दीदी एवं मेजर विपिन श्रीवास्तव के संग संवेदना की तलाश….साहस के साथ….

बिलासपुर –कोनी क्षेत्र में स्थित आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल मे वार्षिक परीक्षा के संपन्न होने के बाद विद्यालय का पहला दिन बच्चों ने ब्रह्मकुमारी मंजु दीदी के मधुर व प्रेरणात्मक वचनों के साथ किया। सोमवार 18 मार्च ब्रह्मकुमारी मंजु दीदी अपनी टीम ईश्वरी दीदी, प्रीति दीदी और डॉ. विक्रम के साथ एवीएम न्यू सैनिक स्कूल छात्रों को प्रोत्साहन देने एवं उनका उत्साहवर्धन करने पहुंची।सर्वप्रथम दिन की शुरूआत भारतीय परंपरा के अनुरूप मुख्य अतिथि मंजु दीदी ने माँ सरस्वती की छायाप्रति पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया।उसके पश्चात विद्यालय की प्राचार्या जी.आर. मधुलिका ने मुख्य अतिथि को विद्यालय की परंपरा अनुसार पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया।

तत्पश्चात सभा को आगे बढ़ाते हुए छात्रों ने थोड़ी देर बाह्य व आंतरिक मन की शुद्धि व शांति के लिए ध्यान किया। इस मोटिवेशनल सेशन का उद्देश्य छात्रों के लक्ष्योन्मुख व्यवहार को सक्रिय या ऊर्जान्वित करना है। मंजु दीदी ने अपने उद्बोधन मे बच्चों को शरीर से आत्मा का संबंध बताया उन्होंने विचारों के विषय समझाया कि सदैव सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े,नकारात्मक सोच से दूरी बनाए।विद्या अध्ययन के लिए सदैव ब्रह्ममुहूर्त मे उठे ,माता-पिता एवं अपने गुरुओं का सम्मान करें। समस्त प्राणियों के प्रति मन मे प्रेम व सद्भावना का भाव रखें। मंजु दीदी ने कहानियों के माध्यम से बच्चों को मानवता की सीख प्रदान की।उन्होंने बताया कि हम जीवन मे चाहे कितनी ही सफलता एवं ऊँचाई क्यों न प्राप्त कर ले, लेकिन यदि मनुष्य मे मानवता व संवेदना का भाव नहीं है तो उस व्यक्ति का संपूर्ण जीवन व्यर्थ है।अपने सेशन के दौरान उन्होंने सभी छात्रों को व्यायाम और डांस भी करवाया।संपूर्ण वातावरण उनकी मधुर वाणी मे जैसे खो गया था, कुछ छात्र तो इतने भावुक हो गए कि उनकी भावनाएं अश्रु रूपी मोती बनकर झरने लगे। कार्यक्रम के अंत मे विद्यालय की प्राचार्या जी.आर.मधुलिका ने मंजु दीदी एव उनकी पूरी टीम का स्मृति चिन्ह देकर आभार प्रकट किया एवं उनसे भविष्य मे भी समय समय पर अपना बहुमूल्य समय प्रदान करने का आग्रह किया।
इस पूरे सेशन मे विद्यालय के डायरेक्टर एस.के.जनास्वामी, प्राचार्या जी. आर. मधुलिका सहित समस्त शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। सभा समाप्ति के पश्चात छात्रों को उनके आयु एवं कक्षानुसार विभाजित कर निल बटे सन्नाटा, कुम्फू पांडा,तारें ज़मीन पर, साम बहादुर जैसी मोटिवेशनल मूवीज (फिल्में) दिखाई गई। आज का दिन विद्यालय परिवार के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज का सूरज अपना एक नया नाम और नई पहचान “आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल” के साथ उदित हुआ है। इसके साथ ही सूर्य के समान तेजस्वी ,बहादुर व देशभक्त एयरफोर्स से रिटायर्ड अपने चालीस वर्षो के अनुभवों को संजोए मास्टर विपिन श्रीवास्तव भी स्कूल का हिस्सा बनकर विद्यालय की गरिमा मे चार चाँद लगा दिया।मास्टर वारंट ऑफिसर श्रीवास्तव सभी बच्चों से मिले उन्हें अपना परिचय दिया और अपने चालीस साल के एयरफोर्स के अनुभवों को सांझा किया। मास्टर विपिन श्रीवास्तव का सानिध्य विद्यालय के छात्रों को पूरे वर्ष मिलता रहेगा एवं बच्चे उनके अनुभवों का लाभ उठाते रहेंगे। परीक्षा समाप्ति के बाद विद्यालय का पहला दिन बच्चों ने बढ़े उत्साह एवं आनंद के साथ बिताया।

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