
विशेष साज सज्जा के साथ आदर्श दुर्गोत्सव समिति में छत्तीसगढ़ महतारी के रूप में विराजी दुर्गा मां….
बिलासपुर–आदर्श दुर्गोत्सव समिति बिलासपुर शहर की सबसे पुरानी समितियों में से एक है।यहाँ माँ दुर्गा की स्थापना सुभाष नगर गोड़पारा बिलासपुर में की जाती है।इस वर्ष समिति अपने गौरवशाली 48वें वर्ष में दुर्गा माता की मूर्ति स्थापना कर पारंपरिक तरीक़े से पूजा अर्चना व आकर्षक 65 फिट लंबाई का पंडाल है जो की श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र है।समिति के इस वर्ष के अध्यक्ष अविनाश यादव ने बताया की समिति में में इस वर्ष माँ अम्बे की स्थापना छत्तीसगढ़ महतारी के रूप में की गई है एवं स्थल सज्जा भी पूरी तरह से छत्तीसगढ़ी संस्कृति , लोक कला व भौतिक संघटना के आधार पर की गई है।जिसमे बस्तर के पहनावा, उसके रीति रिवाज आदि का विश्लेषण किया गया है।इसमें छातीसगढ़ के पारंपरिक लोकनृत्य रावत नाचा, गेड़ी आदि की सजीव लगने वाली झांकी भी रखी गई है।
समिति के पंडाल में छत्तीसगढ़ी लोक कला को मूर्त रूप देने व बस्तर की झलक दिखाने की कोशिश की गई है जिसके लिए बाहर से कारीगर बुलाये गये थे व विगत एक माह से इसकी सजावट की तैयारी में लग कर पूर्ण किया है।
यहाँ पर अजंता आर्ट के पैटर्न में रूप में माँ दुर्गा की स्थापना की जाती है जो की यहाँ की विशेषता है ।
इस आयोजन में लगभग 8-10 लाख रुपये का व्यय आता है जिसे समस्त सदस्यों के सहयोग व आस पास के व्यापारियो द्वारा अर्थ दान कर पूर्ण किया जाता है।
यह समिति हमेशा से श्रद्धालुओ के बीच आकर्षण का केंद्र रही है।पूर्व में समिति द्वारा चाँदी की गुफा बनाई गई थी।
जिसे श्रध्दालुओ ने खूब सराहा था।
साथ ही प्राकृतिक झरना , पद्मनाभम मंदिर , स्वर्ण मंदिर , काँच महल आदि रूप में स्थल सज्जा की जा चुकी है जो की बिलासपुर एवं आस पास क्षेत्र में आकर्षण का केन्द्र बनी थी।