
पुरातन काल के सिक्के दर्शा रहे छत्तीसगढ़ की समृद्धता को, पहले सदी से लेकर वर्तमान के सिक्कों का एग्जीबिशन
बिलासपुर:-पुरातन काल में छत्तीसगढ़ की राजधानी रहे रतनपुर में शासन करने वाले अलग-अलग वंशों के समृद्धता को उस कालखंड में व्यापार और वैभव को उस काल के सिक्के दर्शा रहे हैं।
दरअसल बिलासपुर शहर में विरासत एग्जीबिशन लगाया गया है इसमें पहली सदी से लेकर वर्तमान तक के सिक्कों की प्रदर्शनी लगाई गई है छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में प्राचीन काल से शासन करने वाले शासकों द्वारा उस काल में चलाए जा रहे सिक्कों की प्रदर्शनी लगाई गई है।
छत्तीसगढ़ में अनेक वंश के राजाओं ने प्राचीन काल से शासन किया और उस दौरान व्यापार और वैभव को दर्शाने के लिए सिक्कों का प्रचलन भी था।
लेकिन इसे लेकर अब तक किसी भी किताब या इतिहासकार द्वारा नहीं किया गया है। इस वजह से धीरे धीरे छत्तीसगढ़ में सिक्कों का इतिहास खत्म होता जा रहा है।इसी इतिहास को बचाने बिलासपुर में विरासत एग्जीबिशन का आयोजन किया गया है जहां पहली सदी से लेकर वर्तमान तक के सिक्कों की प्रदर्शनी लगाई गई है।
चांदी सोने और तांबे के सिक्कों से साफ जाहिर होता है कि उस काल में किस तरह राजाओं का वैभव रहा होगा और छत्तीसगढ़ शुरुआत से ही इतना समृद्ध शाली प्रदेश के रूप में पहचाना जाता रहा है।
दरअसल पुरातन काल से ही यहां धान की खेती का महत्व रहा है इसे उस काल के सिक्के में बनी कलाकृति साफ दर्शाती है। सिक्कों में खेत जोतने बैलों के निशान यह दर्शाने के लिए काफी है कि जब दुनिया में सभ्यता की शुरुआत नहीं हुई थी तब भी छत्तीसगढ़ और भारतवर्ष संस्कृति और सभ्यता को लेकर आधुनिकता से परिपूर्ण रहा है।