
छत्तीसगढ़ में सत्ता में भागीदारी से यादव समाज की अनदेखी–अमित यादव
बिलासपुर–छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हाल ही में घोषित 34 निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग व परिषदों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त 36 नेताओं की सूची को लेकर कांग्रेस के संयुक्त महामंत्री अमित यादव ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस सूची में यादव समाज से एक भी व्यक्ति को शामिल नहीं किया गया, जो कि न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि ओबीसी वर्ग की एक बड़ी आबादी की उपेक्षा भी है।
अमित यादव ने कहा, मैं स्वयं यादव समाज से आता हूं और जब मैंने पूरी सूची देखी, तो मन में पीड़ा हुई कि इतने महत्वपूर्ण पदों पर एक भी यादव समाज का प्रतिनिधित्व नहीं है। छत्तीसगढ़ में यादव समाज ओबीसी वर्ग की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है, इसके बावजूद समाज की अनदेखी करना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने फैसले से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह यादव समाज को सत्ता में भागीदारी देने के लिए गंभीर नहीं है। “यह केवल यादव समाज ही नहीं, बल्कि समूचे पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय है, अमित यादव ने जोड़ा।
अमित यादव ने आगे कहा कि यदि छत्तीसगढ़ में यादव समाज को कहीं सम्मान और भागीदारी मिल सकती है तो वह कांग्रेस पार्टी ही है। “कांग्रेस पार्टी ने हमेशा पिछड़ा वर्ग और यादव समाज को महत्व दिया है। चाहे वह संगठनात्मक ढांचा हो या सरकार की नीतियां—कांग्रेस ने हर स्तर पर सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है,उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि आगामी चुनावों में कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर यादव समाज और अन्य ओबीसी वर्गों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी। “हम आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी को और अधिक मज़बूत बनाकर, अपने समाज के हक की आवाज़ को बुलंद करेंगे। भाजपा जैसी पार्टियों द्वारा की जा रही उपेक्षा को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
अमित यादव ने कहा कि यह समय एकजुट होकर अपनी पहचान और हक के लिए खड़े होने का है। उन्होंने यादव समाज से अपील की कि वे इस अनदेखी को समझें और उस राजनीतिक दल का साथ दें जो वास्तव में समाज के मान-सम्मान और अधिकार की रक्षा करता है।