
लाचार किरायेदार बीमार महिला परेशान… ताला तोड़ने पर भी मामला दर्ज नही कर रहे थानेदार…..एसपी के कहने पर पहले हुआ था मामला दर्ज…जिम्मेदार अधिकारी तय नहीं कर पा रहे अपनी जवाबदेही…..न्याय की आस में भटकता पीड़ित…..
बिलासपुर–छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में एक तरफ जहां जिले के एसएसपी रजनेश सिंह पीड़ित को समय पर उचित न्याय दिलाने के लिए बेहतर प्रयास करते हुए अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर पुलिस और आम जनता के बीच में सामंजस्य बनाने का कार्य कर रहे है।तो वहीं दूसरी ओर थानेदर से लेकर एडिशनल एसपी पूरे मामले को उलझाकर पुलिस विभाग की किरकिरी कराने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे है। दरअसल संपति विवाद मे भाई बहन के आपसी झगड़े मे किरायेदार का लाखों रु का समान चोरी होने की घटना को लेकर तारबहार पुलिस ने प्रार्थी और पीड़ित महिला की शिकायत पर बगैर जांच किये चोरी का मामला दर्ज करने से साफ इंकार कर दिया गया।दिलचस्प बात यह है की जिस मकान मालिक के उपर चोरी का आरोप लगा है उसपर पर इसी तारबाहर थाने मे बिलासपुर एसपी रजनेश सिंह के आदेश के बाद चोरी का मामला दर्ज हुआ था और अभी सभी आरोपी कोर्ट के आदेश के बाद जमानत मे बहार है। इस मामले मे तारबाहर पुलिस ने पहले सीसीटीवी होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने से मना कर दिया था और जब फरियादी ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस कप्तान के पास फरियाद लगाई तब जाकर मामला दर्ज हुआ था। इस दौरान भी आरोपियों द्वारा सबूत छुपाने के लिए कैमरे निकालते इनकी हरकत कैद हुई थी।
आपको बताते चले कि मामला तारबाहर के रामा मेग्नेटो माल के पास स्थित गोदाम का है। जहाँ किरायेदार रमेश गहलोत और अर्चना लाल के बीच किराये का अनुबंध हुआ था। अर्चना लाल का अपने भाई अरुण लाल से पारिवारिक संपति को लेकर विवाद चल रहा है। 2024 के अक्टुबर माह मे इनके बीच विवाद हुआ था।जिसके बाद एसपी के आदेश पर चोरी का मामला दर्ज होने के बाद गोदाम मे ताला लगा हुआ था। आवेदक रमेश का आरोप है की अरुण लाल ने बिना किसी से अनुमति लिए गोदाम का ताला तोड़कर अपना ताला लगा दिया। प्रार्थी का आरोप है की गोदाम के अंदर उसका आरो का लाखों का सामान रखा हुआ था जो अब चोरी हो गया है।
प्रार्थी को ना तो इस मामले मे कोई नोटिस दिया गया था और ना ही गोदाम खाली करने की सूचना दी गई थी। उसके बाद भी ताला तोड़कर उनका लाखों रु का समान गायब कर दिया गया।
इस घटना के सामने आने के बाद थाना तारबाहर ने इस मामले को पारिवारिक संपति का मामला बताकर उन्हे थाने से चलता कर दिया।1 अप्रैल से थाने मे न्याय नही मिलने पर प्रार्थी रमेश गहलोत ने इस मामले मे पुलिस के उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए इंसाफ की मांग की है।
वही कानून के जानकारों का कहना की बिना किसी नोटिस और बिना किसी आदेश के किरायेदार के गोदाम का ताला तोड़ना गैरकानूनी है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद तारबहार पुलिस मौके पर पहुची उस दौरान भी महिला ने पुलिस से बहसबाजी करते हुए पहले सर्च वारंट दिखाने की भी धमकी दी थी।
दो दिन से चल रहे विवाद मे जो तारबाहर पुलिस दो दिन पहले मीडिया के सामने ताला तोड़ने को गैरकानूनी बता कर समान चोरी होने पर मामला दर्ज करने की बात कह रही थी वही पुलिस आज पहले तो थाना मे समझौता करवाने मे जूटी नजर आई। प्रार्थी की माने तो अरुण लाल और उसकी पत्नी ने पुलिस के सामने समान उनके पास होने की बात भी कबूल की है। लेकिन उसके बाद भी तारबहार पुलिस ने इस मामले मे चोरी का मामला दर्ज नही किया है।
वही इस मामले मे तारबाहर पुलिस किसी भी प्रकार की चोरी की घटना से साफ इंकार कर रही है । और किरायेदार के गोदाम का बिना अनुमति के ताला तोड़ने को जायज बता रही है।वही इस पूरी घटना को लेकर शहर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल ने थानेदार का हवाला देकर उनसे बात करने और जानकारी लेने की बात कहते हुए इस मामले से बचने का प्रयास किए।
बहरहाल पुलिस विभाग के एक जिम्मेदार पद में आसीन अधिकारी और और वही थाने में बैठे थानेदार पीड़ित को न्याय दिलाने में कोताही बरतना और कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर पत्रकारों से इस मामले में पूरी तरह से बचना पुलिस विभाग की कार्यशैली और जमीनी हकीकत को उजागर करती है। अब देखना होगा की मामले मे लापरवाही और कोताही बरतने वाले एडिशनल एसपी और तारबहार थाना प्रभारी के खिलाफ उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते है ताकि मामले मे रेंज के आई जी से न्याय की गुहार लगा चुके किरायेदार को इंसाफ मिल सके।