प्रेस वार्ता में जे. पी. देवांगन के तीखे सवाल… वन अधिकार से लेकर हसदेव अरण्य तक उठाए बड़े मुद्दे…..
प्रेस वार्ता में जे. पी. देवांगन के तीखे सवाल, वन अधिकार से लेकर हसदेव अरण्य तक उठाए बड़े मुद्दे...

बिलासपुर। शहर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता जे. पी. देवांगन ने वन अधिकार, आदिवासी बेदखली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को उठाते हुए सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए।
वन अधिकार और आदिवासी बेदखली पर चिंता…
देवांगन ने कहा कि जिन आदिवासी परिवारों की तीन पीढ़ियां वर्षों से जंगल क्षेत्रों में रह रही हैं, उन्हें अब तक वन अधिकार पट्टा नहीं दिया गया है। उन्होंने मांग की कि— ऐसे सभी परिवारों को तत्काल पट्टा दिया जाए। जब तक दावा खारिज न हो, तब तक किसी भी प्रकार की बेदखली पर रोक लगाई जाए।
झोपड़ी तोड़ने और घर जलाने का मामला…
प्रेस वार्ता में उन्होंने हाल ही में हुए कथित घटनाक्रम का भी जिक्र किया, जिसमें— आदिवासियों की झोपड़ियां तोड़ी गईं। करीब 36 घर जलाने का आरोप सामने आया। इस मामले में उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और एसटी-एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तारी की मांग की।
तालाब और अतिक्रमण पर सवाल….
देवांगन ने नगर पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—
22 तालाबों से अतिक्रमण हटाने में लापरवाही बरती जा रही है
तालाब की जमीन पर ही कॉम्प्लेक्स निर्माण कराया जा रहा है
उन्होंने इसे पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों के लिए खतरा बताया।
हसदेव अरण्य पर बड़ा बयान….
छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण वन क्षेत्र हसदेव अरण्य को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई।
बढ़ सकता है मुद्दा..
इस प्रेस वार्ता के बाद वन अधिकार, पर्यावरण और आदिवासी हितों को लेकर एक बार फिर बहस तेज होने के आसार हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इन आरोपों और मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।




