ऑनलाइन सट्टा गिरोह पर पुलिस का “प्रहार”… लाखों की संपत्ति जब्त… 3 आरोपी गिरफ्तार….
ऑनलाइन सट्टा गिरोह पर पुलिस का “प्रहार”... लाखों की संपत्ति जब्त... 3 आरोपी गिरफ्तार....

बिलासपुर/ शहर में ऑनलाइन सट्टा के संगठित नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। “प्रहार” अभियान के तहत सिविल लाइन थाना पुलिस और एसीसीयू (साइबर सेल) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब 45 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है।

ऐसे चलता था सट्टे का नेटवर्क….
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी “रिक्की पैनल” नाम के नेटवर्क के जरिए देशभर में ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे।
यह गिरोह एविएटर, विगो, कैसिनो और हॉर्सराइडिंग जैसे ऑनलाइन गेम्स पर दांव लगवाता था।
आरोपी पहले लोगों को टेलीग्राम के जरिए जोड़ते थे, इसके बाद व्हाट्सएप लिंक भेजकर उन्हें गेमिंग प्लेटफॉर्म तक पहुंचाते थे। यहां से सट्टे का पूरा खेल संचालित होता था, जिसमें लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन होता था।

फर्जी खातों से होता था लेन-देन…
गिरोह के सदस्य फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे, जिससे पुलिस को ट्रैक करना मुश्किल हो सके।
मुनाफे का बंटवारा भी तय था—65% हिस्सा “हेड ऑफिस” को जाता था, जबकि 35% ब्रांच ऑपरेटर्स के पास रहता था।
ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक….
मामले में सबसे पहले 21 दिसंबर 2025 को आरोपी मनोज पोपटानी को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मुख्य आरोपियों की तलाश शुरू की।
काफी समय तक लोकेशन बदलकर और मोबाइल स्विच कर पुलिस को चकमा देने के बाद राजेश उर्फ राजा बजाज और प्रदीप खत्री को रायपुर में दबिश देकर गिरफ्तार किया गया।
जब्ती में क्या-क्या मिला…
पुलिस ने आरोपियों के पास से महंगे मोबाइल फोन (आई फोन 16 प्रो, आई फोन 17 प्रो , सैमसंग S25 अल्ट्रा )
एच पी पवेलियन लैपटॉप 5 पासबुक और 5 चेकबुक
लाखों के हिसाब-किताब वाले 2 रजिस्टर
4 वाहन (होंडा सिटी , ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, एक्टिवा)
₹6,90,000 नगद बरामद किए हैं। कुल जब्ती की कीमत करीब 45 लाख रुपए आंकी गई है।
करोड़ों के ट्रांजेक्शन की जांच जारी….
पुलिस जांच में आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन के संकेत मिले हैं। अब इन खातों की गहराई से जांच की जा रही है और अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आगे की कार्रवाई….
गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस जरूरत पड़ने पर रिमांड लेकर और पूछताछ कर सकती है।




