
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय के चीफ जस्टिस की फोटो व्हाट्सप प्रोफाइल में रख,ठगी का प्रयास करने वाले मिजोरम के दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरिफ्तार
बिलासपुर–छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय के चीफ जस्टिस की फोटो को अपने मोबाइल के व्हाट्सअप प्रोफाइल में रख मेसेज भेज कर ठगी की घटना को अंजाम देने के प्रयास में बिलासपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हाथ लगी।जहा पर बिलासपुर पुलिस ने मिजोरम के दो लोगो को गिरिफ्तार कर हिरासत में ले लिया है।वही इनके पास से पुलिस ने मोबाइल दो मोबाइल और चार सिम कार्ड को बरामद कर जप्त किया।
चकरभाठा पुलिस थाना से मिली जानकारी के अनुसार
दिनांक 20/7/2022 को अज्ञात आरोपियों ने उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायधीश अरूप कुमार गोस्वामी की फोटो व्हाट्सएप प्रोफाइल में लगाकर फर्जी मैसेज भेजकर ठगी करने का प्रयास किया था।वाट्सएप पर आए मैसेज के फर्जी होने की पुष्टि होने तथा मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय बिलासपुर के फोटो का प्रतिरूपण कर प्रयोग करने पर प्रोटोकाल अधिकारी संजीव सिन्हा द्वारा थाना चकरभाठा में प्रथम सूचना पत्र पंजीबद्ध कराया गया था।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर द्वारा गठित ACCU बिलासपुर और थाना चकरभाठा की संयुक्त टीम ने ASP(शहर) राजेंद्र जायसवाल, ASP (चकरभाठा) गरिमा द्विवेदी के निर्देशानुसार कार्य कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
घटनाक्रम –वॉट्सएप मैसेंजर मोबाइल नंबर 6033151630 के धारक द्वारा अंबिकापुर छत्तीसगढ़ जिला न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश बिहारी घोरे के व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज किया एवम व्यस्त रहने की वजह से अमेजान गिफ्ट कार्ड अरेंज करने टेक्स्ट मैसेज किया था।
विवेचना– उक्त नंबर और वाट्सएप मैसेंजर का बिलासपुर साइबर यूनिट द्वारा मोबाइल सर्विस प्रदाता, गूगल के नोडल और वाट्सएप कंपनी से जानकारी प्राप्त की गई जिसमें सिम नंबर
8837348541, 9612722801, 6033151630, 9366836743 जिनका आईएमइआई नंबर 868348053978957, 868348053978965 और 867381045890437, 867381045890445 है उसके धारक द्वारा अपराध करना पाया गया तथा आरोपियों का लोकेशन आईजोल मिजोरम मिला।
रेड कार्रवाई–घटना के बाद आरोपियों ने मुख्य नंबर को बंद कर दिया था।जिसके लेकर पुलिस के सामने फिर एक बड़ी चुनौती सामने आ गई। क्योंकि मिजोरम हिंदी अंग्रेजी बोली बोले जाने वाली राज्य नही होने के कारण आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भेजी गई टीम ने सबसे पहले आइजोल में लोकल मुखबिर तैयार किया और आरोपियों की पतासाजी में लग गई थी।लगातार 4 दिन की रेकी के बाद सटीक लोकेशन मिलने पर टीम द्वारा रेड कार्यवाही किया गया। जहा पर पुलिस टीम को घटना में प्रयुक्त दोनों मोबाइल व चारों सिम आरोपी लाल हमिंग सांगा और जोथान मोविया के कब्जे से प्राप्त होने पर उन्हें जप्त किया गया है।
गिरफ्तारी– पर्याप्त टेक्निकल व प्राथमिक साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को डूर्टलांग मिल 5 बांगकावन जिला आइजोल मिजोरम में विधिवत गिरफ्तार किया गया है।उक्त गिरफ्तार आरोपियों को थाना चकरभाठा बिलासपुर छत्तीसगढ़ क्षेत्राधिकार के ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास बिल्हा के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है।चूंकि आइजोल से बिलासपुर की दूरी लगभग 2000 किलोमीटर है इसलिए मुख्य न्यायधीश जिला आइजोल से बिलासपुर पुलिस टीम द्वारा ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है।
रेड टीम –थाना प्रभारी उप निरीक्षक मनोज नायक, प्रधान आरक्षक सिद्धार्थ पाण्डेय तथा आरक्षक आशीष वर्मा, विकास राठौर, मिथिलेश साहू।
विवेचना टीम–ACCU निरी. हरविंदर सिंह, निरी.परिवेश तिवारी, निरी.अशोक द्विवेदी,
चकरभाठा थाना प्रभारी मनोज नायक, उपनिरी. प्रभाकर तिवारी, आर. विकास राम।