
एसईसीएल और सीएमपीएफ दफ्तर के बाहर 20 जनवरी को जुटेंगे हजारों रिटायर्ड मजदूर….
बिलासपुर–कोयला खदानों से रिटायर हुए मजदूरों ने अपनी समस्याओं को लेकर अब आर पार की लड़ाई लड़ेगे। सेवानिवृत्त कोयला खदान मजदूर संघ ने अपनी मांगों को लेकर 20 जनवरी को बिलासपुर में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। इस दिन शहर के दो बड़े कार्यालयों एसईसीएल मुख्यालय और सीएमपीएफ क्षेत्रीय कार्यालय के गेट के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया जाएगा। मजदूरों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है इसलिए अब वे अपने संगठन की शक्ति दिखाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।
राजीव विहार में हुई दो अहम बैठकों के बाद आंदोलन की पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है। जोनल महामंत्री बुद्धि सागर शाही ने बताया कि 27 दिसंबर और 7 जनवरी को हुई बैठकों में सर्वसम्मति से धरने का फैसला लिया गया है। इस प्रदर्शन के बाद अधिकारियों को मांगपत्र भी सौंपा जाएगा।
बड़े नेता भरेंगे हुंकार
इन बैठकों की अध्यक्षता जोनल अध्यक्ष रामअवतार अलगमकर ने की। आंदोलन को धार देने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह और मंत्री शंकर प्रसाद कुंडु विशेष रूप से बिलासपुर पहुंचे थे। जोनल कोषाध्यक्ष योगेश कुमार केशर के साथ अरविंद शर्मा केसी महाराणा और प्रवीण कुमार राठौर जैसे पदाधिकारियों ने भी प्रदर्शन की तैयारियों का जायजा लिया। कार्यकारिणी सदस्य भक्तिमय चौधरी ने कहा कि यह लड़ाई मजदूरों के सम्मान और उनके न्यायसंगत अधिकारों के लिए है।
इन मांगों पर फंसा है पेंच
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पेंशन की विसंगतियों और मेडिकल सुविधाओं को लेकर सेवानिवृत्त मजदूरों में भारी नाराजगी है। खदानों में जीवन खपाने के बाद रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों के लिए बुजुर्ग मजदूरों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
आंदोलन की तैयारी में सारेन्द्र नाथ चटर्जी मदन कुमार नायडू भागीरथी साव और रामकुमार साहू जैसे सक्रिय सदस्य जुटे हुए हैं। संघ के पदाधिकारियों ने बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले सभी सेवानिवृत्त भाइयों और बहनों से अपील की है कि वे अपनी शक्ति दिखाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में धरने पर पहुंचें।



