सागर शर्मा को कैसे आया जूते में स्मोक बम छिपाने का आइडिया, ऐसे दिया सुरक्षा को चकमा

संसद में घुसपैठ करने के मामले में अब तक 5 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। मुख्य आरोपी सागर शर्मा और मनोरंज डी की मदद करने वाला भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। आरोपी जूते में स्मोक बम छिपाकर संसद में पहुंचे थे। सांसद इस घटना को सुरक्षा में बड़ी चूक करार दे रहे हैं। बड़ा सवाल है कि सुरक्षित संसद भवन को दो मामूली लोगों ने चकमा कैसे दे दिया?

फिलहाल, मामले की जांच जारी है। शुरुआती जांच से पता चला है कि बजट सत्र के दौरान ही संसद की सुरक्षा की रेकी हो गई थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यहां से आरोपियों को पता चला कि संसद की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी आने वाले लोगों से जूते उतारने के लिए नहीं कह रहे हैं या चेक नहीं कर रहे हैं।

घटना के दौरान संसद में मौजूद सांसदों ने भी कहा है कि आरोपी जूते में से ‘बम जैसा’ कुछ निकाल रहे थे। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बताया, ‘वो जब आगे से कूदे, तब हम आगे बैठे हुए थे और जीरो ऑवर का लास्ट टाइम था। ऊपर से थोड़ा शोर आया तो देखा कि एक आदमी ऊपर से कूदा और दूसरा भी कूद रहा था। पहले कूदने वाला स्पीकर की तरफ बढ़ रहा था और शोर कर रहा था।


सदन में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी. के रूप में हुई है। संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार किए गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द निवासी नीलम (42) और लातूर (महाराष्ट्र) निवासी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है। खास बात है कि यह घटना संसद पर हमले की 22वीं बरसी के दिन हुई।

Related Articles

Back to top button