
रेलवे कर्मी की मौत के बाद परिजनों का धरना…..मुआवजा और नौकरी की मांग…..
बिलासपुर–रेलवे कोचिंग डिपो में हुए हादसे के बाद मृतक प्रताप बर्मन के परिजनों का आक्रोश थम नहीं रहा है। शनिवार को परिजन और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में रेलवे डीआरएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने रेलवे प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
परिजनों का कहना है कि प्रताप बर्मन की मौत लापरवाही का नतीजा है। 23 अगस्त को कोचिंग डिपो में काम करते समय वह ओएचई लाइन की चपेट में आ गए थे। हादसे में वे गंभीर रूप से झुलस गए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह दर्दनाक घटना हुई है।
धरना दे रहे लोगों ने मांग की है कि मृतक की पत्नी को रेलवे में नौकरी दी जाए और परिवार को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। इसके साथ ही भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए रेलवे को सुरक्षा इंतजाम कड़े करने होंगे। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष हेमचंद मिरि ने कहा कि यह केवल एक परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा का बड़ा सवाल है। अगर रेलवे जल्द समाधान नहीं करता तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
परिजनों का साफ कहना है कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। इस बीच रेलवे प्रबंधन परिजनों से बातचीत करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।