
बिलासपुर प्रेस क्लब भवन निर्माण को मिली रफ्तार, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने 30 लाख की स्वीकृति का दिया भरोसा, जल्द होगा काम शुरू….
बिलासपुर–बिलासपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सोमवार को राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव से सौजन्य मुलाकात कर लंबे समय से बंद पड़े प्रेस क्लब भवन के निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस दौरान पदाधिकारियों ने प्रेस क्लब भवन के निर्माण हेतु 30 लाख रुपये की स्वीकृति का प्रस्ताव रखा, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने तत्काल सहमति प्रदान करते हुए इसी सप्ताह प्रशासकीय स्वीकृति देने का भरोसा दिलाया। साथ ही उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।

मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र में प्रेस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और पत्रकारों के लिए सशक्त, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण भवन का होना आवश्यक है। उन्होंने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार पत्रकार हितों और प्रेस संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रेस क्लब भवन के निर्माण में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा नहीं आने दी जाएगी।

इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा कि प्रेस क्लब भवन महीनों से बंद पड़ा है, जिससे पत्रकारों को कार्य संचालन, बैठकों और संवाद में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भवन निर्माण से न केवल पत्रकारों को आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि प्रेस क्लब की गतिविधियां भी नए सिरे से सक्रिय होंगी। उन्होंने त्वरित निर्णय के लिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं प्रेस क्लब के सचिव संदीप करिहार ने इसे बिलासपुर के पत्रकारों के लिए ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि महीनों से लंबित मांग पर तत्काल सहमति मिलना राज्य सरकार की सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता को दर्शाता है। प्रेस क्लब भवन भविष्य में पत्रकारों के प्रशिक्षण, संवाद, प्रेस वार्ताओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों का सशक्त केंद्र बनेगा।
मुलाकात के दौरान प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सहसचिव हरिकिशन गंगवानी, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गहवई, वरिष्ठ पत्रकार मणिशंकर पांडेय, दिलीप अग्रवाल, पूर्व उपाध्यक्ष विनीत चौहान, मोहन हनफ, अभिजीत पांडेय, जयशंकर पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे पत्रकार हित में महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया।



