
महिला के साथ सामूहिक अनाचार करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़–कार में घुमाने के बहाने ले जाकर सामूहिक रूप से अनाचार की घटना को अंजाम देने वाले तीनो आरोपियों को पुलिस ने रिपोर्ट के 24 घंटे के अंदर ही किया गिरफ्तार।वही पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त कार जप्त कर लिया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महिला के साथ अनाचार का मामला मरवाही थाने में पीड़िता के द्वारा उपस्थित आकर 6/8/ 23 रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
और महिला द्वारा बताया गया कि रोपा लगाने के लिए पूछने गई थी आदमी ज्यादा होने से काम नहीं मिलने पर वापस आ रही थी रास्ते में किराना दुकान के पास ग्राम धनौली का दिनेश चंद्रा अपने सफेद रंग की कार से आया उसके साथ में ग्राम टिकठी के लालू और बबलू चंद्रा थे यह लोग अपनी गाड़ी में इसके दोनों बच्चों को बैठा कर रखे थे पीड़िता के द्वारा उन लोगों से बच्चों को कहां ले जा रहे हो पूछने पर बताये कि मिठाई खिलाने ले जा रहे हैं तुम भी चलो। मना करने पर लालू के द्वारा महिला के साड़ी को पकड़कर खींचकर गाड़ी में बैठा लिया और गाड़ी स्टार्ट कर जंगल की ओर ले गए और तीनों बारी-बारी से इसके साथ गलत काम किए हैं। रिपोर्ट पर थाना प्रभारी मरवाही के द्वारा उक्त गंभीर मामले के संबंध में सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल दी गई।
मामला गंभीर होने तथा महिला संबंधी मामले की तत्परता से कार्रवाई हेतु निर्देशित किए जाने पर 2 अलग अलग टीम का गठन कर आरोपियों की पतासाजी हेतु रवाना किया गया। प्रकरण के तीनों आरोपियों की पतासाजी कर उक्त टीम के द्वारा
1.धनजीत उर्फ दिनेश चंद्रा पिता मनोहर चंद्रा उम्र 30 साल निवासी धनौली थाना भालूमाड़ा
2. प्रदीप उर्फ बबलू चंद्रा पिता सेमलाल चंद्रा
33 साल निवासी टिकठी
3.ताराचंद उर्फ लालू चंद्रा पिता जोहन चंद्रा 29साल निवासी टिकठी
ये तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया और पूछताछ पर आरोपियों के द्वारा अपराध करना कबूल किया तथा घटना में प्रयुक्त वाहन एमपी 65 ZA 0152 को आरोपी धनजीत उर्फ दिनेश चंद्रा के घर से जप्त किया गया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर नन्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
संपूर्ण कार्यवाही तथा आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निरीक्षक कमलाकांत शुक्ला थाना प्रभारी मरवाही, सहायक उप निरीक्षक नवीन मिश्रा, सहायक उप निरी मनोज हनोतिया, आरक्षक इंद्रपाल आर्मों ,राजेश शर्मा, सुरेंद्र विश्वकर्मा की रही।