कटरा के जंगल में जुए की महफिल पर छापा, 9 गिरफ्तार…. बिलासपुर से जुड़े तारों ने खड़े किए सवाल…..तीन दिन में तीन ठिकानों पर सजी फड़….. 47,500 रुपये नकद समेत 11 बाइक, कार और 8 मोबाइल जब्त….. कथित संरक्षण और वसूली के दावों की पुष्टि बाकी……

बिलासपुर– जंगल में जुए की महफिल, लगातार बदलते ठिकाने और फिर पुलिस का छापा। जांजगीर-चांपा जिले के पंतोरा थाना क्षेत्र के कटरा जंगल में चल रहे जुए के फड़ पर पुलिस की कार्रवाई में नौ आरोपी पकड़े गए। मौके से 47 हजार 500 रुपये नकद, 11 बाइक, एक ब्रेजा कार और आठ मोबाइल जब्त किए गए। पकड़े गए आरोपियों में बिलासपुर जिले के उसलापुर का युवक भी शामिल है। लेकिन इस कार्रवाई के साथ ही जुए की फड़ को कथित संरक्षण मिलने, बिलासपुर के कुछ लोगों के संपर्क और रकम के लेनदेन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

तीन दिन, तीन ठिकाने और आखिरकार छापा…..

मामले से जुड़े सूत्रों का दावा है कि जुए की महफिल आठ अक्टूबर से शुरू हुई थी। इसके बाद नौ अक्टूबर को ठिकाना बदला गया और तीसरे दिन पंतोरा थाना क्षेत्र के कटरा जंगल में फड़ सजाई गई। इसी दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई की। हालांकि, अलग-अलग ठिकानों पर जुआ संचालित होने और कथित संरक्षण के दावों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

जुआरियों में जनप्रतिनिधि भी शामिल……

पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों में पामगढ़ क्षेत्र के रसौटा गांव का सरपंच संजू कुमार सूर्यवंशी, बलौदा बाजार क्षेत्र का दीपक राय, सीपत क्षेत्र का रूपचंद्र रात्रे, झूलन पकरिया का रमेश कुमार, रसौटा के साहिल लहरे और सुरेंद्र लहरे, कोटमीसोनार के सुनील सिंह तथा विशाल सिंह और उसलापुर निवासी मयंक शर्मा शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की। न्यायालय में पेश करने से पहले आरोपियों को पैदल ले जाया गया।

संरक्षण और वसूली के दावों की जांच जरूरी……

सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि जुए की फड़ संचालित करने के लिए कथित तौर पर साप्ताहिक रकम तय हुई थी और इसकी पहली किस्त भी दी गई थी। कुछ लोगों के बीच विवाद के बाद पुलिस तक लगातार सूचनाएं पहुंचने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, कथित रकम के लेनदेन, किसी पुलिस अधिकारी की भूमिका और जुआरियों से कथित वसूली के आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई संबंधी जानकारी में भी इन आरोपों का उल्लेख नहीं है।
भागे जुआरियों की तलाश…..

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ लोग मौके से भाग निकले। उनकी पहचान और तलाश के लिए साइबर टीम की मदद लेने की बात कही गई है। अब कार्रवाई के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि फरार लोगों तक पुलिस कब पहुंचती है और जुए के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में क्या सामने आता है।

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