राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बिलासपुर का कार्य विस्तार योजना एवं प्रतिनिधि सभा का हुआ आयोजन…..

बिलासपुर/  रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बिलासपुर का कार्य विस्तार योजना एवं प्रतिनिधि सभा वृत्त कथन हुआ । इस बैठक में श्रीमान गणेश जी विभाग प्रचारक बिलासपुर का सानिध्य प्राप्त हुआ इनके द्वारा प्रतिनिधि सभा का वृत्त वचन हुआ जिसमें देशभर का वर्तमान संख्यात्मक वृत्त बताया गया इसके साथ ही भारत देश के विभिन्न विषयों एवं वैश्विक मुद्दों के बारे में चिंताएं हुई ऐसे मुख्य बिंदुओं का वाचन किया जैसे देश में हो रहे सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने में लगी हुई वैश्विक शक्तियां,नेपाल और बांग्लादेश में हाल ही में हुई घटनाएं हिंसक घटनाओं पर चिंतन किया गया । इस वर्ष प्रतिनिधि सभा में कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया अपितु संत शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदास जी के 650 में प्राकट्य वर्ष के अवसर पर माननीय सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले जी का वक्तव्य
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी के 650 में प्राकट्य वर्ष के अवसर पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करता है हमारी श्रेष्ठ संत परंपरा ईश्वर की भारत को एक विशिष्ट देन है हमारे प्रदीर्घ इतिहास के प्रवाह में इस महान संत परंपरा ने जहां समाज में ईश्वर की उपासना और भक्ति भाव का जागरण किया वहीं सामाजिक कुरीतियां और भेदभाव का उन्मूलन करते हुए समरस समाज के दृढ़ीकरण के प्रयास किया । साथ ही उन्होंने विदेशी शासको के अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष के लिए समाज को जागृत और सिद्ध भी किया। इस महान संत परंपरा में संत श्री रविदास जी का विशिष्ट स्थान है सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले संत श्री रविदास जी का ईश्वर भक्ति ,सेवा भाव तथा समाज के प्रति निश्छल प्रेम के कारण काशी के विद्वत जनों सहित समाज के सभी वर्गों ने उनकी महानता को स्वीकृत किया । काशी नरेश ,झांसी की रानी तथा मीराबाई जैसे राज परिवारों के सदस्यों ने भी उनको अपना गुरु मान गुरु और शिष्य के रूप में संत श्री रविदास जी और मीराबाई का नाता निर्गुण और सगुण भक्ति धाराओं का मिलन है तथा जाति भेद मानने वालों के लिए अनुकरणीय सिख भी है। वर्तमान समय में जब विविध विभाजनकारी शक्तियां जनमानस को वर्ग और जाति के आधार पर बांटने का प्रयास कर रही है,तब पूज्य संत श्री रविदास जी के जीवन संदेश के मर्म को समझ कर हम सभी को देश और समाज की एकात्मता के लिए कार्य करने का संकल्प लेने की आवश्यकता है ।

इसके पश्चात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिनिधि सभा में संघ के कार्य विस्तार को और मजबूती प्रदान करने के लिए संरचना में बदलाव किया गया है अब देश भर में कुल 28 प्रदेश और 85 संभाग होंगे जिसमें प्रदेश स्तर पर प्रदेश प्रचारक और प्रदेश कार्यवाह होंगे इसके बाद संभाग प्रमुख होंगे छत्तीसगढ़ की दृष्टि में रायपुर और बिलासपुर दो संभाग होंगे। इस वचन के पश्चात बैठक संपन्न हुआ ।

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