
कम पेंशन भुगतान के विरोध में रिटायर कोल कर्मियों का प्रदर्शन.. पाँच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा..
बिलासपुर- सेवा निवृत्त कोयला खदान मजदूर संघ, नागपुर के आह्वान पर बड़ी संख्या में रिटायर कोल वर्कर्स ने सी.एम.पी.एफ. क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर के सामने जोरदार प्रदर्शन किया.. पेंशन निर्धारण में की गई गड़बड़ियों और कम भुगतान के विरोध में पेंशनरों ने आयुक्त, कोयला खदान भविष्य निधि संगठन धनबाद के नाम पाँच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

संघ के अनुसार अक्टूबर 2017 के बाद सेवानिवृत्त लगभग 40 हजार पेंशनरों को नियमानुसार पेंशन नहीं मिल रही है.. कटौती के समय मूल वेतन के साथ वी.डी.ए. एवं एस.डी.ए. को शामिल किया गया था, लेकिन पेंशन निर्धारण में एस.डी.ए. को हटा दिया गया, जिससे पेंशन राशि काफी कम हो गई.. जबकि कोल माइन्स पेंशन स्कीम 1998 में इस संबंध में कोई संशोधन नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी प्रभावित पेंशनरों की पेंशन एस.डी.ए. जोड़कर पुनः गणना की जाए और बकाया राशि का तत्काल भुगतान किया जाए।
नेताओं ने यह भी कहा कि कोल माइन्स पेंशन का वर्षों से रिविजन नहीं हुआ है और इसे महंगाई से भी नहीं जोड़ा गया है, जबकि स्कीम के खंड 22 में प्रत्येक तीन वर्ष में समीक्षा का प्रावधान है।नियमानुसार सेवानिवृत्ति के अंतिम माह के वेतन का आधा पेंशन मिलना चाहिए, जिसे लागू नहीं किया जा रहा है, संघ ने छह लाख से अधिक कोल पेंशनरों की पेंशन पुनरीक्षण, महंगाई भत्ता से जोड़ने, रिवाइज्ड पीपीओ वितरण, एरियर्स भुगतान तथा जबलपुर क्षेत्रीय कार्यालय को बिलासपुर में समाहित करने की मांग प्रमुखता से रखी।
प्रदर्शन को संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह, राष्ट्रीय सचिव शंकर प्रसाद कुण्डु, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भक्तिमय चौधरी, एसईसीएल जोन अध्यक्ष राम अवतार अलगमकर, महामंत्री बी.एस. शाही, कोषाध्यक्ष वाई.बी. कसेर, कार्यकारिणी अध्यक्ष अशोक शर्मा, उपाध्यक्ष पासवान जी सहित नरेंद्र सिंह, शांतनु मुखर्जी एवं एच.एन. पाण्डेय ने संबोधित किया। संचालन राष्ट्रीय मंत्री एस.पी. कुण्डु ने किया, इस अवसर पर सैकड़ों सेवानिवृत्त कोलकर्मी मौजूद रहे।



