
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथो हुआ सहारा रिफंड पोर्टल लांच
बिलासपुर–केंद्र में बैठी नरेंद्र मोदी की सरकार ने मंगलवार को करोड़ों लोगों को आशा की नई किरण दी है। सहारा सहकारी समितियों में जिन लोगों के रुपये फंसे हुए थे, उन्हें अब पारदर्शी तरीके से उनके रुपये वापस मिलेंगे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में केन्द्रीय पंजीयक – सहारा रिफंड पोर्टल https://mocrefund.crcs.gov.in का शुभारंभ किया। इस पोर्टल को सहारा समूह की 4 सहकारी समितियों – सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के प्रामाणिक जमाकर्ताओं द्वारा दावे प्रस्तुत करने के लिए विकसित किया गया है।
इसके लिए आज ‘सहारा रिफंड पोर्टल’ लॉन्च किया जिस पर निवेशक रिफंड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। डॉक्यूमेंट वेरीफाई होने के बाद राशि सीधे जमाकर्ताओं के आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांस्फर कर दी जाएगी। इससे अनेक पीड़ित परिवारों में खुशियां आएंगी। ‘सहारा रिफंड पोर्टल’ पर जमाकर्ताओं के रजिस्ट्रेशन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांस्फर कर दी जाएगी।
इस अवसर पर केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री बी एल वर्मा, उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी और सचिव, सहकारिता मंत्रालय, ज्ञानेश कुमार सहित सहारा समूह की चारों सहकारी समितियों के जमाकर्ता भी उपस्थित थे।इस अवसर पर अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि इस कार्यक्रम का महत्व इस दृष्टि से है कि जिन लोगों की गाढ़ी कमाई इन 4 सहकारी समितियों में फंसी है, उनके प्रति किसी का ध्यान नहीं गया। ऐसे मामलों में अक्सर मल्टी-ऐजेंसी सीज़र हो जाता है क्योंकि कोई ऐजेंसी निवेशक के बारे में नहीं सोचती। उन्होंने कहा कि इसके कारण कोऑपरेटिव सोसाटीज़ के प्रति बहुत बड़ी असुरक्षा और अविश्वास की भावना पैदा हो जाती है। श्री शाह ने कहा कि देश के करोड़ों लोगों के पास पूंजी नहीं है लेकिन वे देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं, इसके लिए कोऑपरेटिव आंदोलन के सिवा कोई रास्ता नहीं है और इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सहकारिता ही एकमात्र आंदोलन है जिसमें छोटी-छोटी पूंजी को मिलाकर बड़ी पूंजी का निर्माण कर बड़े काम किए जा सकते हैं।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि कई बार घपले-घोटाले के आरोप लगते हैं और जो लोग इनमें निवेश करते हैं, उनकी पूंजी फंस जाती है, जैसे सहारा का उदाहरण सबके सामने है। उन्होंने कहा कि कई सालों तक सुप्रीम कोर्ट में केस चला, ऐजेंसियों ने इनकी संपत्तियां और खाते सील कर दिए, और, ऐसा होने पर कोऑपरेटिव सोसायटीज़ की विश्वसनीयता समाप्त हो जाती है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अलग से सहकारिता मंत्रालय का गठन किया और उसके बाद इस मामले में पहल करते हुए सभी स्टेकहोल्डर्स को बिठाकर बात की गई। उन्होंने कहा कि इस बात पर विचार किया गया कि क्या कोई ऐसी व्यवस्था बनाई जा सकती है जिसमें सभी लोग अपने दावों से ऊपर उठकर छोटे निवेशकों के बारे में सोचें। श्री शाह ने कहा कि सभी ऐजेंसियों ने मिलकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और उच्चतम न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति का गठन कर उनके निर्देशन में पारदर्शी तरीके से भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो। उन्होंने कहा कि ट्रायल बेसिस पर पारदर्शी तरीके से आज निवेशकों को 5,000 करोड़ रूपए की राशि लौटाने की शुरूआत हो रही है। उन्होंने कहा कि जब 5,000 करोड़ रूपए का भुगतान हो जाएगा तब बाकी बचे निवेशकों की राशि लौटाने के लिए एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज लॉंच हुए पोर्टल के माध्यम से पहले निवेशकों को, जिनकी जमाराशि 10,000 रूपए या इससे अधिक है उसमें से 10,000 रूपए तक की राशि का, भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल पर आवेदन करने के लिए चारों समितियों का पूरा डेटा ऑनलाइन उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में ऐसे सभी प्रावधान किए गए हैं जिससे कहीं भी किसी प्रकार की गड़बड़ी और किसी भी प्रामाणिक निवेशक के साथ अन्याय की गुंजाइश ना हो।
अमित शाह ने कहा कि जिन्होंने निवेश नहीं किया है, उन्हें किसी भी तरह से यहां से रिफंड नहीं मिल सकता और जिन्होंने निवेश किया है, उन्हें रिफंड मिलने से कोई रोक नहीं सकता। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिए कि आवेदन भरने के लिए Common Service Centre (CSC) की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सभी निवेशकों से अनुरोध किया कि वे CSC के माध्यम से अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराएं। श्री शाह ने कहा कि इस प्रक्रिया में दो प्रमुख शर्तें हैं- पहली, निवेशक का आधार कार्ड उसके मोबाइल के साथ लिंक्ड हो, और, आधार कार्ड उसके आपके बैंक अकाउंट के साथ लिंक्ड हो। उन्होंने निवेशकों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि 45 दिनों में पैसा उनके बैंक अकाउंट में जमा हो जाएगा।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज एक बहुत बड़ी शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारदर्शिता के साथ निवेशकों का घोटाले में फंसा पैसा वापस मिलना शुरू हो रहा है, ये एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आज करोड़ों लोगों को अपने पसीने की गाढ़ी कमाई के पैसे वापस मिलने की शुरूआत हो रही है। शाह ने कहा कि लगभग 1.78 करोड़ ऐसे छोटे निवेशकों, जिनका 30000 रूपए तक का पैसा फंसा है। उनको अपना पैसा वापस मिलेगा, ये एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।