विदेशी निवेश के नाम पर 3 करोड़ से ज्यादा की ठगी…… बिलासपुर पुलिस ने आरोपी को दबोचा…….

बिलासपुर/ थाना चकरभाठा पुलिस ने विदेशी निवेश और डिमांड ड्राफ्ट क्लियरेंस के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। मामले में आरोपी द्वारा व्हाट्सएप, फर्जी ईमेल और बैंकिंग प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर सुनियोजित तरीके से ठगी को अंजाम दिया गया।
3 करोड़ 13 लाख से अधिक की ठगी…
पुलिस के अनुसार प्रार्थी को जनवरी-फरवरी 2024 में एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त हुआ, जिसमें खुद को ग्रेट ब्रिटेन निवासी “डॉ. लोव्हीत” बताया गया। बाद में “ग्रेस डेविड” (स्कॉटलैंड निवासी) से संपर्क कराकर भारत में लगभग 500 करोड़ रुपये निवेश का झांसा दिया गया।
आरोपियों ने कैंसर अस्पताल, ब्लाइंड इंस्टीट्यूट, रियल एस्टेट और लॉ कॉलेज में निवेश का प्रस्ताव देकर प्रार्थी को पार्टनर बनाने का लालच दिया। इसके बाद डिमांड ड्राफ्ट क्लियरेंस, एंबेसी, बैंक, आरबीआई और कस्टम प्रक्रिया के नाम पर लगातार पैसे मांगे गए।
इस तरह प्रार्थी से कुल 3 करोड़ 13 लाख 13 हजार रुपये से अधिक की ठगी की गई।
आरोपी गिरफ्तार, कई सामान जब्त
मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान
नवीन जून (34 वर्ष), निवासी सोनीपत (हरियाणा), वर्तमान पता देवरी खुर्द (बिलासपुर) के रूप में हुई है।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से—
थार और वेन्यू वाहन
मोबाइल फोन
टैबलेट
लैपटॉप
जप्त किए हैं।

बैंकिंग जानकारी का किया दुरुपयोग…..
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पहले बैंक में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट के रूप में कार्य कर चुका है। बैंकिंग प्रक्रिया की जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी ईमेल आईडी बनाईं और खुद को बैंक, एंबेसी व अन्य संस्थाओं का अधिकारी बताकर पीड़ित को गुमराह किया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी….
पुलिस के अनुसार इस मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी संभावना है। उनकी पहचान कर जल्द ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि विदेशी निवेश, डिमांड ड्राफ्ट या ऑनलाइन ऑफर के नाम पर आने वाले अनजान मैसेज और कॉल से सतर्क रहना बेहद जरूरी है।




