
छत्तीसगढ़ में पहली बार लगा मॉडल इंटीग्रेटेड मेडिकल कैंप भूतपूर्व सैनिकों को मिला स्वास्थ्य लाभ….
बिलासपुर–देश की सीमाओं की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के उत्तम स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए न्यायधानी बिलासपुर में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय बिलासपुर द्वारा 1 मई 2026 को जिला सैनिक कल्याण परिसर में एक विशाल जनजागरूकता एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि मुख्यालय कोशा छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा सब एरिया के विशेष सहयोग से छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार था जब एक मॉडल इंटीग्रेटेड मेडिकल कैंप का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर ने आयुर्वेद और आधुनिक जीवनशैली के बीच सामंजस्य बिठाकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

समग्र चिकित्सा से सैनिकों और आमजनों को मिला स्वास्थ्य का वरदान……
इस मेडिकल कैंप का मुख्य उद्देश्य केवल बीमारियों का इलाज करना नहीं था बल्कि लोगों को अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर निरोगी काया प्राप्त करने के लिए जागरूक करना था। इस शिविर में भूतपूर्व सैनिकों जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के जवानों उनके परिवार के सदस्यों के साथ साथ स्थानीय आम नागरिकों ने भी भारी संख्या में हिस्सा लिया और आयुर्वेद की प्राचीन लेकिन असरदार उपचार पद्धति का लाभ उठाया। बढ़ती उम्र और रिटायरमेंट के बाद होने वाली शारीरिक समस्याओं के लिए आयुर्वेद के जड़ से खत्म करने वाले सुरक्षित उपचारों की जानकारी दी गई।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मोर्चे पर डटकर की सेवा.
इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय की पूरी टीम ने अपनी पूरी ऊर्जा लगा दी। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं शिविर प्रभारी डॉ समीर तिवारी के कुशल नेतृत्व में यह पूरा आयोजन संपन्न हुआ। वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ अशर्फी लाल गुप्ता और डॉ अजय कुमार सिंह ने मरीजों की बारीकी से जांच कर उन्हें उचित चिकित्सीय परामर्श और निःशुल्क औषधियां प्रदान कीं।
भविष्य के होनहार चिकित्सक और इंटर्न डॉक्टर मानसी वाधवा डॉ किशन चन्द्रवंशी डॉ श्रीयाल गौरहा डॉ इन्द्रजित वर्मा और डॉ जिज्ञासा साहू ने पूरी तन्मयता के साथ मरीजों की काउंसलिंग की और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाया। दवा वितरण और अन्य मेडिकल व्यवस्थाओं के लिए फार्मासिस्ट कुलदीप जांगड़े और वार्ड बॉय आत्माराम यादव पूरे समय मुस्तैदी से अपनी सेवाएं देते रहे।
योग से निरोग रहने का दिया गया गुरुमंत्र…..
इस कैंप का एक प्रमुख हिस्सा योग चिकित्सा रहा। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब जीवनशैली के कारण पनपने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए योग चिकित्सक डॉ श्वेता मार्को ने एक विशेष सत्र लिया। उन्होंने शिविर में मौजूद लोगों को मोटापा उच्च रक्तचाप मधुमेह थायराइड कब्ज संधिवात और गठिया जैसी जटिल बीमारियों को प्राकृतिक तरीके से नियंत्रित करने के अचूक उपाय बताए। डॉ मार्को ने मौखिक परामर्श के साथ साथ लाइव योग प्रदर्शन के जरिए योगासनों की सही विधि बताकर उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित किया।
स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में मील का पत्थर…..
आयुर्वेद योग और सेना के अनुशासन का यह संगम बेहद सफल रहा। छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित यह कैंप आमजन और सैनिकों तक समग्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साबित हुआ है। शिविर में लाभान्वित हुए भूतपूर्व सैनिकों ने इस आयोजन की जमकर सराहना की है




