सिरगिट्टी को 13 करोड़ की खेल सौगात… वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी….. धरमलाल कौशिक की पहल से मैदान का रास्ता साफ…..सेकंड इनिंग क्रिकेट कमेटी की मांग से शुरू हुई पहल ने लिया आकार….. उपमुख्यमंत्री अरुण साव की सकारात्मक पहल और राज्य सरकार की स्वीकृति से खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर खेल परिसर……

बिलासपुर–सिरगिट्टी और आसपास के क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए वर्षों से चली आ रही खेल मैदान की मांग अब धरातल पर उतरने जा रही है। राज्य सरकार ने सिरगिट्टी में प्रस्तावित खेल मैदान के लिए 13 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के साथ क्षेत्र में लंबे समय से बेहतर खेल अधोसंरचना का इंतजार कर रहे खिलाड़ियों और युवाओं के लिए एक नई उम्मीद बनी है।
इस पूरी पहल में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक की पहल, उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव की सकारात्मक भूमिका और राज्य सरकार की स्वीकृति को महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। खेल मैदान की मांग को लेकर सेकंड इनिंग क्रिकेट कमेटी लगातार प्रयासरत रही और स्थानीय खिलाड़ियों की आवाज को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन तक पहुंचाया गया।
वर्षों पुरानी मांग को मिला नया आधार
सिरगिट्टी क्षेत्र में क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों को लेकर युवाओं में लंबे समय से उत्साह रहा है। स्थानीय स्तर पर क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित होती रही हैं और क्षेत्र के खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहे हैं।
इसके बावजूद खिलाड़ियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती व्यवस्थित और स्थायी खेल मैदान की रही। इसी आवश्यकता को देखते हुए सेकंड इनिंग क्रिकेट कमेटी ने सिरगिट्टी में बेहतर खेल मैदान विकसित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया।

कमेटी के सदस्यों ने इस विषय को पहले स्थानीय स्तर पर उठाया और बाद में इसे जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार और मैदान की आवश्यकता को लेकर मुलाकात की गई।
कौशिक से मुलाकात के बाद तेजी से आगे बढ़ी पहल
खेल मैदान की मांग को लेकर सेकंड इनिंग क्रिकेट कमेटी के सदस्यों ने बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सिरगिट्टी में एक व्यवस्थित खेल मैदान विकसित करने की आवश्यकता और स्थानीय खिलाड़ियों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।
मांग को गंभीरता से लेते हुए विधायक कौशिक ने प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में ही उपमुख्यमंत्री अरुण साव से फोन पर चर्चा की और सिरगिट्टी में प्रस्तावित खेल मैदान के संबंध में जानकारी दी।

उपमुख्यमंत्री साव ने विषय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कमेटी के सदस्यों को बिलासपुर स्थित अपने निवास पर चर्चा के लिए बुलाया गया। इसके बाद प्रस्ताव को शासन स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में गति आई।
अब इसी पहल का परिणाम 13 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति के रूप में सामने आया है।
विधायक धरमलाल कौशिक की पहल बनी अहम कड़ी
सिरगिट्टी के खेल मैदान की इस पूरी कवायद में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक की भूमिका महत्वपूर्ण रही। स्थानीय खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों की मांग को उन्होंने शासन स्तर तक पहुंचाने के साथ ही उपमुख्यमंत्री अरुण साव से सीधे चर्चा की।
क्षेत्र की मांग को जनप्रतिनिधि के स्तर से शासन तक पहुंचाने और संबंधित विभाग से समन्वय बनाने की प्रक्रिया में उनकी पहल को कमेटी महत्वपूर्ण मान रही है।
खेल मैदान की स्वीकृति के बाद अब सिरगिट्टी के खिलाड़ियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में उन्हें अभ्यास, प्रतियोगिता और खेल प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
अरुण साव की सकारात्मक भूमिका…..
इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। विधायक कौशिक द्वारा फोन पर विषय की जानकारी दिए जाने के बाद उन्होंने कमेटी के सदस्यों से आगे चर्चा की और प्रस्ताव को सकारात्मक रूप से देखने की बात सामने आई।
खेल अधोसंरचना को लेकर राज्य सरकार की ओर से भी लगातार बजटीय प्रावधान किए जा रहे हैं। खेल मैदानों, स्टेडियम और मूलभूत खेल सुविधाओं के विकास के लिए विभागीय स्तर पर प्रावधान किए गए हैं।
सिरगिट्टी के लिए 13 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति इसी व्यापक खेल अधोसंरचना विकास की दिशा में स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आई है।
सिर्फ क्रिकेट नहीं, दूसरे खेलों को भी मिलेगा अवसर
प्रस्तावित खेल मैदान का महत्व केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है। सिरगिट्टी और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न खेलों में रुचि रखने वाले युवाओं की संख्या बड़ी है। ऐसे में व्यवस्थित खेल परिसर विकसित होने पर क्रिकेट के साथ अन्य खेल गतिविधियों के लिए भी बेहतर अवसर तैयार हो सकते हैं।
क्षेत्र में बॉल बैडमिंटन जैसी खेल गतिविधियों में भी खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई है। सिरगिट्टी से जुड़े खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए चयन होने के उदाहरण सामने आ चुके हैं।
यह बताता है कि क्षेत्र में प्रतिभा मौजूद है। जरूरत केवल उस प्रतिभा को नियमित अभ्यास और प्रतियोगिता के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की है।
सेकंड इनिंग क्रिकेट कमेटी की भूमिका
सिरगिट्टी में खेल मैदान की मांग को लेकर सेकंड इनिंग क्रिकेट कमेटी ने संगठित रूप से पहल की। कमेटी ने स्थानीय खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों की जरूरत को जनप्रतिनिधियों के सामने रखा और इसे शासन स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया।
कमेटी के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष मनोज दुबे, प्रवक्ता शीतला प्रसाद त्रिपाठी, उपाध्यक्ष शेखर राव, सह सचिव संदीप रजक, बंटी सोनी, मोंटू महाराज, सरवन वर्मा और पिंटू सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
कमेटी का कहना है कि मैदान बनने से सिरगिट्टी और आसपास के क्षेत्र के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर मिलेगा।
भाजपा नेता मनोज दुबे बोले–यह सिर्फ मैदान नहीं, युवाओं के भविष्य की मजबूत नींव….
क्षेत्र के भाजपा नेता और सेकंड इनिंग क्रिकेट कमेटी से जुड़े मनोज दुबे ने सिरगिट्टी में खेल मैदान के लिए 13 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति को क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की वर्षों से मांग रही है कि युवाओं को खेल का बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलें। स्थानीय विधायक धरमलाल कौशिक के प्रयासों से यह सौगात मिली है। यह क्षेत्र के लिए अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
मनोज दुबे ने कहा कि सिरगिट्टी के युवा खेल प्रतिभा से भरपूर हैं, लेकिन बेहतर मैदान और सुविधाओं की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब व्यवस्थित खेल मैदान बनने से खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल में विधायक धरमलाल कौशिक की पहल और उपमुख्यमंत्री अरुण साव की सकारात्मक भूमिका महत्वपूर्ण रही है। 13 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति केवल एक निर्माण कार्य की मंजूरी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के भविष्य के लिए आधार तैयार करने वाली पहल है।
—मनोज दुबे, भाजपा नेता एवं सेकंड इनिंग क्रिकेट कमेटी
ऐसे आगे बढ़ा खेल मैदान का प्रस्ताव
वर्षों से मांग:
सिरगिट्टी के खिलाड़ी और क्षेत्रवासी बेहतर खेल मैदान की मांग करते रहे।
कमेटी ने उठाई आवाज:
सेकंड इनिंग क्रिकेट कमेटी ने मांग को संगठित रूप से जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री तक पहुंचा विषय…..
कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष भी क्षेत्र में खेल सुविधाओं की आवश्यकता रखी गई।
विधायक कौशिक की पहल:
कमेटी के सदस्यों ने बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक से मुलाकात की। विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव से फोन पर चर्चा की।
उपमुख्यमंत्री से चर्चा…..
अरुण साव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कमेटी के सदस्यों को आगे चर्चा के लिए आमंत्रित किया।
अब 13 करोड़ की स्वीकृति…..
राज्य सरकार की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद सिरगिट्टी में प्रस्तावित खेल मैदान के निर्माण का रास्ता आगे बढ़ा है।
सिरगिट्टी के खेल भविष्य के लिए बड़ा बदलाव
किसी भी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले नियमित अभ्यास की सुविधा चाहिए। सिरगिट्टी में प्रस्तावित खेल मैदान इस आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिताओं से लेकर विभिन्न खेल गतिविधियों तक, क्षेत्र में पहले से खेल का माहौल मौजूद है। अब स्थायी खेल अधोसंरचना मिलने से इस माहौल को एक नया आधार मिलने की उम्मीद है।
मैदान बनने के बाद स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है। वहीं प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी क्षेत्र में बेहतर सुविधा विकसित हो सकेगी।
बिलासपुर के खेल मानचित्र में जुड़ेगा सिरगिट्टी
बिलासपुर में पिछले कुछ वर्षों में खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी काम हुआ है। शहर में विभिन्न खेलों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। ऐसे में सिरगिट्टी में 13 करोड़ रुपए की स्वीकृति को बिलासपुर के खेल अधोसंरचना विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस परियोजना से सिरगिट्टी और आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
खिलाड़ियों की उम्मीद अब मैदान पर
सिरगिट्टी में खेल मैदान की मांग की शुरुआत स्थानीय जरूरत से हुई थी। खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों ने इसे उठाया, सेकंड इनिंग क्रिकेट कमेटी ने इसे संगठित रूप से आगे बढ़ाया, विधायक धरमलाल कौशिक ने शासन स्तर पर पहल की और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के स्तर पर विषय को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया हुई।
अब 13 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद खिलाड़ियों की निगाहें मैदान के निर्माण और उसमें मिलने वाली सुविधाओं पर हैं।
सिरगिट्टी के लिए यह सिर्फ 13 करोड़ रुपए की परियोजना नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर मंच देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में इसी मैदान से निकलने वाली प्रतिभाएं बिलासपुर, छत्तीसगढ़ और देश के खेल मानचित्र पर अपनी पहचान बनाएं यही इस पहल की सबसे बड़ी उम्मीद है।

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