बेलतरा में आस्था का महाकुंभ…..48 गांवों से गुजरेगी सात दिवसीय ध्वजा यात्रा 2026…… ग्राम देवताओं के संरक्षण का अनूठा संकल्प…..सांस्कृतिक धरोहरों और ग्राम देवताओं को सहेजने की ऐतिहासिक पहल….. विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकल रही भव्य ध्वज यात्रा……राजनीति से परे विशुद्ध धार्मिक अनुष्ठान….. गिरजाबंद से महामाया धाम तक आस्था के सूत्र में बंधेंगे बेलतरा के 48 गांव……

बिलासपुर– बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में आस्था, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के अनूठे अनुष्ठान ‘ध्वजा यात्रा 2026’ की शुरुआत होने जा रही है। विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में यह धार्मिक यात्रा क्षेत्र के 48 गांवों से होते हुए आगे बढ़ेगी।
विधायक सुशांत शुक्ला की धार्मिक और सकारात्मक प्रस्तुति…..
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में विधायक सुशांत शुक्ला की पहल पर शुरू होने जा रही सात दिवसीय ‘ध्वजा यात्रा 2026’ ग्रामीण अंचल की संस्कृति, लोक आस्था और सनातन परंपराओं को पुनर्जीवित करने का एक पावन माध्यम बन गई है। यह आयोजन केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि गांवों की आत्मा यानी ‘ग्राम देवताओं’ और प्राचीन ‘गुड़ियों’ को सहेजने का एक ऐतिहासिक अभियान है।

यात्रा के प्रमुख आकर्षण और रूपरेखा…भव्य शुभारंभ…..

11 अक्टूबर को ऐतिहासिक गिरजाबंद हनुमान मंदिर में विधि-विधान से ध्वज पूजन के साथ इस यात्रा का श्रीगणेश होगा।

व्यापक जन-संपर्क…..

यह यात्रा बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के 48 गांवों से गुजरेगी, जहां जगह-जगह ग्राम देवताओं को प्रणाम किया जाएगा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

दिव्य समापन….

17 अक्टूबर को रानीगांव, मदनपुर, सिंघरी चौक, भरवीडीह और भैरव बाबा मंदिर से होते हुए यात्रा रतनपुर पहुंचेगी। यहां सिद्धि विनायक मंदिर और मां महामाया मंदिर परिसर में भव्य ध्वज प्रतिष्ठा, पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ यात्रा का समापन होगा।

विधायक सुशांत शुक्ला का विजन–संस्कृति और अतिक्रमण से मुक्ति का संकल्प……
विधायक सुशांत शुक्ला ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आधुनिकता और गांवों के विकास के दौर में कई बार ग्राम देवताओं के प्राचीन स्थानों पर अतिक्रमण की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे पवित्र स्थलों को संरक्षित करना, उन्हें पुनर्व्यवस्थित करना और आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना ही इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने इस आयोजन को पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक बताते हुए राजनीतिक चश्मे से दूर रखने की अपील की है। उनका यह प्रयास बेलतरा की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और क्षेत्र के सभी गांवों को धार्मिक आस्था के एक मजबूत सूत्र में पिरोने का एक सराहनीय कदम है। यह आयोजन निश्चित रूप से बेलतरा में धार्मिक सौहार्द, संस्कृति और लोक आस्था के प्रति गहरी निष्ठा का मिसाल पेश कर रहा है।

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