राष्ट्र निर्माण में समाज की सक्रियता ही असली ताकत…… संघ शताब्दी संगोष्ठी में बोले डॉ. कृष्ण गोपाल

बिलासपुर–राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बिलासपुर द्वारा ‘राष्ट्र निर्माण में हमारी भूमिका’ विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह एवं दिल्ली स्थित संघ मुख्यालय से पधारे मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल ने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में संघ की शताब्दी यात्रा के ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका, राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण तथा नागरिक कर्तव्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सारगर्भित चर्चा की गई।

मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल शासन और प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय सहभागिता, समर्पण और कर्तव्यबोध आवश्यक है। राष्ट्र की उन्नति के लिए समाज में आपसी सद्भाव, सामाजिक समरसता, अनुशासन एवं राष्ट्रीय एकात्मता की भावना का सुदृढ़ होना आवश्यक है।

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की 100 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए संघ के सामाजिक एवं संगठनात्मक कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना तथा व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना आवश्यक है।

संगोष्ठी में राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, परिवार व्यवस्था का महत्व, भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण, सामाजिक एकता तथा समाज के प्रति नागरिकों के दायित्व जैसे विषयों पर भी विचार रखे गए। वक्ता ने इस बात पर बल दिया कि प्रत्येक नागरिक अपने व्यक्तिगत जीवन में राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा केवल एक संगठन की यात्रा नहीं, बल्कि समाज जीवन में संगठन, सेवा, संस्कार एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। संगोष्ठी में उपस्थित प्रबुद्धजनों एवं गणमान्य नागरिकों ने मुख्य वक्ता के विचारों को गंभीरता से सुना।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण, सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता के संकल्प के साथ हुआ।

Related Articles

Back to top button