
पेट्रोल, डीजल संकट पर वित्तीय अनुशासन का पालन करने फरमान…. वित्त विभाग ने जारी किया आदेश…..30 सितंबर 26 तक लागू रहेगा आदेश……
बिलासपुर–शासकीय व्यय में मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन को लेकर वित विभाग के वित सचिव रोहित यादव ने शनिवार को दोपहर में ऊर्जा संकट को लेकर आठ सूत्रीय गाइडलाइन जारी किया।इस गाइडलाइन से यह साबित होता कि शासन प्रशासन के द्वारा जारी ऊर्जा संकट को लेकर जो बयान जारी किए जा रहे है।इस पत्र से यह निराधार को इशारा करता है।
वित विभाग ने क्या कहा अपने आदेश….
राज्य शासन द्वारा वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्तमान में निम्नानुसार मितव्ययिता के उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया है:-
1. कारकेड में वाहनों का सीमित उपयोग माननीय मुख्यमंत्री / मंत्रीगण / समस्त निगम / मण्डल/आयोग के पदाधिकारियों के कारकेड वाहनों में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाए एवं अन्य शासकीय संसाधनों का संयमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
2. इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन राज्य के समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए।
3. वाहनों के उपयोग एवं ईंधन में मितव्ययिता शासकीय वाहनों के उपयोग में पेट्रोल/डीजल के व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखा जाए। एक ही गंतव्य की ओर जाने वाले विभागों के अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग की व्यवस्था लागू की जाए।
4. विदेश यात्रा पर प्रतिबंध अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर, राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों के विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। अनिवार्य होने पर समन्वय में माननीय मुख्यमंत्री जी का पूर्वानुमोदन आवश्यक होगा।

5. वर्चुअल बैठकों एवं ऑनलाइन समीक्षा को प्रोत्साहन विभागों को निर्देशित किया जाता है कि भौतिक बैठक यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जावे। भौतिक रूप से बैठकों के आयोजन के स्थान पर वर्चुअल/ऑनलाइन मोड में होने वाली बैठकों को प्रोत्साहित किया जाए। विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएं।

6. कार्यालय में ऊर्जा की बचत कार्यालयीन समय के पश्चात सभी विद्युत उपकरणों (लाइट, पंखे, ए.सी., कंप्यूटर) को अनिवार्य रूप से बंद किया जाए। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी को रोकने हेतु आवश्यक उपाय किये जाये।
7. ई-ऑफिस एवं डिजिटल कार्यप्रणाली बैठकों में प्रिंटेड पेपर/बुकलेट्स के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (.pdf/.ppt आदि) का उपयोग किया जाए। कार्यालयीन पत्राचार और नस्तियों का संचालन अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से किया जाए ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कटौती हो सके।
8. IGOT कर्मयोगी पोर्टल एवं प्रशिक्षण भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के स्थान पर इस हेतु IGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग किया जाए। समस्त विभाग अपने विशिष्ट प्रशिक्षण कोर्सेस को इस पोर्टल पर अपडेट करें ताकि भौतिक प्रशिक्षण की आवश्यकता न्यूनतम हो सके।
उपर्युक्त निर्देश 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।



