सड़क निर्माण पर हुआ खुलकर भ्रस्टाचार स्थानीय विधायक ने किया विभागीय मंत्री से पत्राचार

रवि साहू की रिपोर्ट

नारायणपुर बस्तर-25 दिसंबर 2000 में गांव को शहर से जोड़ने के लिए उस समय के तात्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था कि गांव से शहर को जोड़ा जाए जिसके लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना लागू की गई।लेकिन भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ती ये योजना की कोई सुध लेने वाला नही है।

आपको बता दे नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत बम्हनी के आश्रित ग्राम “मेटाडोंगरी से मुख्य मार्ग सोनपुर रोड ब्रेहबेड़ा” तक करोड़ो रुपए की लागत से सड़क का निर्माण किया जा रहा है।इस सड़क निर्माण में जो सामग्री का उपयोग किया गया है उसकी गुणवत्ता इतनी खराब की पैर की ठोकर से सड़क उखड़ने लगती है।आने वाले वर्षा काल के दिनों में यह बारिश के पानी से बह ना जाये।

सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीण इसकी शिकायत करते आ रहे है।लेकिन प्रधानमंत्री सड़क के आला अधिकारी ने किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की जिसके चलते भ्रष्टाचार की बू आना स्वाभाविक है।वही अगर अधिकारियों की बात की जाए तो नक्सली बेल्ट की बात कर पलड़ा झाड़ते नजर आते है।

इससे साफ जहीर होता कि कही न कही ठेकेदार के साथ साठगांठ होगी तभी ठेकेदार मनमानी करने पर उतारू है।


आपको ज्ञात हो कि भ्रष्टाचार कितने चरम पर है कि इसकी शिकायत ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने कलेक्टर से की और उचित कार्यवाही की मांग की मगर किसी प्रकार की कार्यावाही न होना प्रशासन को कट घरे में खड़े करता है।वही कार्यवाही होता न देख नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप ने जिसकी शिकायत पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. शिहदेव से की और कार्यवाही की मांग की लेकिन इन सबके बाद भी इनकी कार्यप्रणाली को आप सहज अन्दाज लगा सकते कि सत्तारूढ़ सरकार के विधायक को कार्यवाही की मांग सरकार से करना पड़े।

इससे साफ जाहिर होता है कि अफसरशाही इतनी हावी है कि सत्ता धारी की शिकायत पर अभी तक कोई भी कार्यवाही नही करना,और इसे मुनासिब नही समझते।प्रधानमंत्री सड़क जिस उद्देश्य से प्रारंभ की गई है कि ग्रामीण शहरों से जुड़े और विकास की दौड़ में सम्मलित हो।लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का सपना क्या साकार होता नजर आएगा। भ्रष्टाचार की सेंध सिस्टम को दीमक की तरह खोखला करने में कोई कसर नही छोड़ रहे है।

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