
45 वर्षों से कायम है परंपरा…. करोना चौक में मलखंभ मटकी फोड़ प्रतियोगिता..भाजपा नगर विधायक अमर अग्रवाल सपरिवार हुए शामिल….. देर रात फूटी मटकी…..तीन नवयुवकों ने जीती प्रतियोगिता…..
बिलासपुर– शहर के करोना चौक पर पिछले 45 वर्षों से चली आ रही मलखंभ प्रतियोगिता की परंपरा इस वर्ष भी जारी रही। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म उत्सव के अवसर पर हर वर्ष भादो मास की अष्टमी को आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता का विधि-विधान से शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत नगर विधायक अमर अग्रवाल द्वारा पूजा-अर्चना कर की गई।पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा संपन्न होने के बाद मलखंभ प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ हुआ।जहां पर भाजपा नेत्री किरण सिंह,सराफा संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी,सीएमडी कालेज के चेयरमैन संजय दुबे और भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सिंह भी अथिति के रूप में शामिल हुए।जिसके बाद मंच में आसीन मुख्य अतिथि अमर अग्रवाल का समिति के सदस्यों के द्वारा पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया।

स्वागत के बाद नगर भाजपा विधायक और मुख्य अतिथि अमर अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज पूरे समाज को भगवान श्री कृष्ण के जन्म को आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाने का पर्व है।वही शहर वासियों को मंच से बधाई दी।इस पारंपरिक आयोजन और समिति के इस प्रयास की सराहना की।उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई मेरे लिए पहला मौका नहीं है।इसके पहले भी कई बार इस कार्यक्रम में मेरा आना हुआ है।आयोजन के दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।

मलखंभ भारतीय पारंपरिक खेल एवं व्यायाम की प्राचीन विधा है, जिसमें खिलाड़ी लकड़ी के खंभे पर विभिन्न प्रकार के शारीरिक कौशल और करतब का प्रदर्शन करते हैं। करोना चौक पर आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता पिछले चार दशकों से भी अधिक समय से स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 45 वर्षों से लगातार आयोजन होने के कारण यह कार्यक्रम शहर की पुरानी खेल एवं सांस्कृतिक परंपराओं से भी जुड़ गया है।

उपस्थित लोगों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन की पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने में सहभागिता निभाई।

आयोजकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के पारंपरिक आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय खेल एवं संस्कृति से जोड़ने का अवसर मिलता है। 45 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही मलखंभ प्रतियोगिता आज भी लोगों के बीच अपनी खास पहचान बनाए हुए है।

देर रात फूटी मटकी….
रात बारह बजे के बाद इस वर्ष भी ग्रीस लगे खंभे की मटकी को तीन नवयुवकों के द्वारा एक ऊपर एक करके पहले ही प्रयास में सफलता के साथ फोड़ दी गई।जब से यह आयोजन शुरू किया गया तब से यहां की मटकी भगवान श्री कृष्ण के जन्म समय रात बारह बजे के बाद फूटती है।यह एक ऐसा संजोग यह कि आज तक इस मटकी को भगवान के जन्म से पहले कोई नहीं फोड़ पाया है।इस मटकी को कस्तूरबा नगर के यश यादव आर्यन यादव और गोंडपारा के रितेश नामदेव फोड़कर आयोजन के विजेता रहे।

पुरस्कार वितरण और समापन…..
समापन अवसर पर अतिथि के रूप में नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ललित मखीजा के अलावा समाज सेवी जवाहर सराफ शामिल हुए।जहां अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया।स्वागत पश्चात ग्रीस लगे खंभे में चढ़कर मटकी फोड़ने वाले तीनों प्रतिभागियों को समिति के तरफ से पंद्रह हजार नगद राशि एक शील्ड और गिफ्ट हैम्पर अतिथियों के हाथों प्रदान किया गया।




