
भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन…..
बिलासपुर–भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांतीय नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति में बिलासपुर तहसील इकाई द्वारा किसानों की 11 सूत्रीय ज्वलंत समस्याओं एवं मांगों को लेकर तहसीलदार प्रकृति ध्रुव को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन बिलासपुर तहसील अध्यक्ष खगेश के कुशल नेतृत्व में प्रदान किया गया।
इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष माधव सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष गजानन दीघ्रस्कर विशेष रूप से उपस्थित रहे और किसानों की आवाज को प्रमुखता से उठाया।
किसान संघ की 11 प्रमुख मांगें:
- गौ संरक्षण एवं संवर्धन: भारतीय किसान संघ द्वारा पारित ‘गौवंदन योजना’ को प्रदेश में तत्काल लागू किया जाए तथा ‘जी राम जी योजना’ को गौ संरक्षण व संवर्धन से जोड़ा जाए।
- बकाया राशि का भुगतान: वर्ष 2022-23 की धान खरीदी की रुकी हुई ₹1700 करोड़ की अंतर राशि का किसानों को तत्काल भुगतान किया जाए।
- कृषक उन्नति योजना का विस्तार: धान के समर्थन मूल्य में प्रतिवर्ष कृषक उन्नति योजना के तहत ₹800 की राशि जोड़कर दी जाए। साथ ही, फल एवं सब्जी उत्पादक किसानों को भी इस योजना में शामिल किया जाए।
- धान खरीदी व्यवस्था में सुधार: धान की खरीदी 15 नवंबर से 15 फरवरी तक की जाए। खरीदी के दौरान प्रति बोरा 40 किलो 700 ग्राम का ही तौल सुनिश्चित किया जाए, अत्यधिक तौल पर तुरंत रोक लगे।
- एग्रीस्टेक पंजीयन में राहत: एग्रीस्टेक पोर्टल में सम्मिलित खातेदारों को पंजीयन के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं को देखते हुए नियमों को शिथिल किया जाए।
- टोकन प्रणाली व समर्पण पर रोक: टोकन व्यवस्था में सुधार करते हुए बड़े किसानों को 5 तथा लघु व सीमांत किसानों को 3 एवं 1 टोकन की सुविधा दी जाए। धान खरीदी के समय किसानों पर अनुचित दबाव बनाकर खाता समर्पण कराने की प्रक्रिया तुरंत बंद हो।
- गन्ना किसानों को राहत: गन्ना फसल के मूल्य में ₹150 प्रति क्विंटल की वृद्धि की जाए और इसे भी कृषक उन्नति योजना के दायरे में लाया जाए।
- सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति: राज्य की अधूरी सिंचाई परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाई जाए तथा ‘पैरी हाईडैम योजना’ जैसी नई व जनहितकारी परियोजनाओं को तत्काल स्वीकृति दी जाए।
- निजीकरण पर रोक: विद्युत विभाग के किसी भी प्रकार के निजीकरण पर पूर्ण रोक लगाई जाए।
- कालाबजारी पर कार्रवाई: बाजार में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद बेचने वाले विक्रेताओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- भूमि अधिग्रहण नियम: भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में ‘उदयपुर डिक्लेरेशन’ के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाए।




