17 मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन.….. मांगें नहीं मानीं तो इमरजेंसी भी ठप करने की चेतावनी….. आश्वासन के बाद भी नहीं सुलझा मामला…. जूनियर डॉक्टरों ने फिर खोला मोर्चा…..

बिलासपुर– सिम्स के करीब 180 जूनियर डॉक्टरों ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार से तीन दिवसीय प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जूनियर डॉक्टर फिलहाल सांकेतिक प्रदर्शन कर अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से मांगों को लेकर शासन स्तर पर आश्वासन मिल रहा है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।जूनियर डॉक्टरों के मुताबिक प्रदेशभर में पिछले करीब छह महीने से उनकी मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है। इससे पहले भी जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर बैठे थे। लेकिन मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। अब मांगें पूरी नहीं होने पर एक बार फिर डॉक्टरों ने प्रदर्शन शुरू किया है। जूनियर डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में स्टाइपेंड बढ़ाने पड़ोसी राज्यों के समान वेतन तय करने और सुपर स्पेशलिटी कैडर का गठन करने समेत कुल 17 मांगें शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें करीब 15 हजार 900 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जो मौजूदा महंगाई और दूसरे राज्यों में मिलने वाले स्टाइपेंड की तुलना में कम है।डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक पढ़ाई और प्रशिक्षण के बाद भी उन्हें अपेक्षाकृत कम स्टाइपेंड मिल रहा है। इसी वजह से प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर लगातार शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। बिलासपुर के सिम्स में करीब 180 जूनियर डॉक्टर इस तीन दिवसीय प्रदर्शन में शामिल हैं। प्रदेश स्तर पर करीब 1200 जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन में शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि फिलहाल जूनियर डॉक्टरों ने अपनी नियमित सेवाएं जारी रखी हैं जिससे अस्पताल में मरीजों को तत्काल परेशानी न हो। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय ले, ताकि आंदोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत न पड़े। वहीं जूनियर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया, तो वे सांकेतिक प्रदर्शन के बाद पूर्णकालिक हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं। ऐसी स्थिति में इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने की चेतावनी दी गई है। अब देखना होगा कि सरकार जूनियर डॉक्टरों की 17 सूत्रीय मांगों पर क्या कदम उठाती है।

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