बैलाडिला बुल्स ने दर्ज की पहली जीत, सेमीफाइनल की आस बाकी…..

बिलासपुर–बारिश से प्रभावित राजधानी रॉयल्स बनाम बैलाडिला बुल्स के मुकाबले में चिंगलेनसाना सिंह की टीम ने आज रात छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में 1-0 से अपनी पहली जीत दर्ज की। इस जीत के बाद बुल्स ने सेमीफाइनल की दौड़ में खुद को बनाए रखा है। वहीं रॉयल्स बिना कोई जीत हासिल किए टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।

बारिश के कारण करीब एक घंटे देर से शुरू हुए मैच में लीग में अपनी पहली जीत की तलाश कर रही बुल्स को अपने पहले गोल के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। जैसे ही सर्कल में मौका बना, राहुल यादव ने गेंद पर जोरदार शॉट मारा, जिससे उनकी टीम को शुरुआती बढ़त मिल गई। पूरे मैच में कई मौके बनने के बावजूद 60 मिनट के खेल में यही एकमात्र गोल रहा।

गीले मैदान में जब रॉयल्स की टीम बुल्स के हाफ में प्रवेश करने के लिए भी संघर्ष कर रही थी, तब बुल्स ने लगभग अपना दूसरा गोल कर ही लिया था। गोपाल पैकरा ने गेंद को गोलपोस्ट की तरफ मोड़ा, लेकिन अंपायर ने इस गोल को अमान्य करार दिया।

हालात काफी खराब थे, फिर भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पास सही जगह तक नहीं पहुंच पा रहे थे और शॉट्स की गति भी काफी कम हो गई थी।

बुल्स के जसकरण को कुछ पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन दोनों बार गेंद को अंदर भेजने (इंजैक्शन) का तरीका सही नहीं रहा, जिससे कोई गोल नहीं हो सका। पहले हाफ के अंत तक, बुल्स एक गोल की बढ़त के साथ आगे थे।

तीसरे और चौथे क्वार्टर में भी खिलाड़ियों को बारिश से जूझना पड़ा। सर्कल में भरे पानी की वजह से फॉरवर्ड लाइन अपनी मनचाही रणनीति के साथ नहीं खेल पाई। कुल मिलाकर रॉयल्स के लिए पूरी लीग काफी निराशाजनक रही। रॉयल्स की टीम पेनल्टी कॉर्नर पर एक भी गोल नहीं कर सके, जो उनकी हार का सबसे बड़ा कारण रहा। इसके बावजूद हिमांशु को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि राहुल ने ‘स्ट्राइकर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जीता।

न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स का मैच 1-1 से ड्रॉ….

कम स्कोर वाले पहले मुकाबले में न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स के बीच मैच 1-1 से ड्रॉ रहा। केतन की बदौलत नाइट्स ने दूसरे क्वार्टर में खाता खोला, जबकि चौथे क्वार्टर में मोहित नायक ने टाइटन्स की वापसी कराई। इस नतीजे का मतलब यह है कि टाइटन्स को छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।

पहले क्वार्टर में दोनों टीमों की ओर से कुछ हमले किए गए, लेकिन कोई भी गोल में तब्दील नहीं हो सका। हालांकि सेमीफाइनल में जगह बना चुकी नाइट्स ने दूसरे क्वार्टर के अंत में गोल करके खाता खोला। केतन ने टूर्नामेंट का अपना छठा गोल किया, जब उन्होंने रिबाउंड पर गेंद को गोलकीपर के पार पहुंचा दिया। इस तरह वे हाफ-टाइम तक 1-0 की बढ़त के साथ गए।

तीसरा क्वार्टर काफी शांत रहा। नाइट्स के मजबूत डिफेंस ने विपक्षी टीम की फॉरवर्ड लाइन के लिए गोल करना नामुमकिन बना दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सर्कल के अंदर गेंद किसी खिलाड़ी के पैर से न छुए, जिससे स्कोर 1-0 पर ही टिका रहा।

लेकिन मैच के अहम मोड़ पर मैनपाट को कुछ खास करने की जरूरत थी। उन्होंने अटैक में ज्यादा खिलाड़ियों को लगाया, जिसका नतीजा यह रहा कि मोहित ने उनके लिए गोल कर दिया। केतन को ‘स्ट्राइकर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार मिला, जबकि मोहित को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। मैनपाट के पास 29 अक्टूबर को संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के खिलाफ खेलकर सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका होगा।

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