
अटल यूनिवर्सिटी मे आठ माह से अटका प्री-पीएचडी प्रवेश….. अभ्यर्थियों में आक्रोश…..
बिलासपुर– अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की प्री-पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2026 की प्रक्रिया करीब आठ माह बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा से जुड़ी आपत्तियों का अब तक स्पष्ट निराकरण नहीं हुआ और परिणाम भी लंबित है। इससे शोधार्थियों का शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है।
अभ्यर्थियों ने कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि मॉडल आंसर की त्रुटियों, परीक्षा केंद्रों की कथित अव्यवस्थाओं और आरक्षण रोस्टर की स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
मॉडल आंसर पर भी सवाल…..
केमिस्ट्री के सेट-C में कथित तौर पर सेट-A के उत्तर प्रदर्शित होने सहित पॉलिटिकल साइंस, कंप्यूटर साइंस और अर्थशास्त्र के प्रश्नों पर भी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि विषय विशेषज्ञों से सभी आपत्तियों की जांच कराकर संशोधित अथवा अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाए।
परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था पर आरोप: बिलासा गर्ल्स कॉलेज और साइंस कॉलेज में परीक्षा शुरू होने में देरी तथा प्रश्नपत्र वितरण में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। बिलासा गर्ल्स कॉलेज में शुरुआती 15-20 मिनट में कुछ विद्यार्थियों को अलग विषय के प्रश्नपत्र दिए जाने के दावे की भी जांच की मांग की गई है।
आरक्षण और सुपरवाइजर नियुक्ति पर भी स्पष्टता: अभ्यर्थियों ने DET-2026 में आरक्षण रोस्टर को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करने तथा UGC मानकों के अनुरूप शोध पर्यवेक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही तो आगे शोधार्थियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित आपत्तियों का शीघ्र निराकरण, अंतिम उत्तर कुंजी और परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया गया तथा पूरी प्रक्रिया की जांच नहीं हुई, तो छात्र लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने पीएचडी प्रवेश से लेकर कोर्स वर्क, सुपरवाइजर आवंटन और शोध प्रक्रिया तक के लिए भविष्य में स्पष्ट एवं समयबद्ध शेड्यूल जारी करने की मांग की है।



