सब-स्टेशन ऑपरेटर की करंट से मौत के बाद कार्यपालन यंत्री के साथ मारपीट….. चार पर केस दर्ज ……

बिलासपुर–जिले के हिर्री थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कुरेली के बिजली सब-स्टेशन में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां ड्यूटी के दौरान ऑपरेटर अमन साहू की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इस असमय हादसे के बाद उपजे तनाव ने हिंसक रूप ले लिया, और घटनास्थल पर पहुंचे बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer) के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में चार नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला……?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ढनढन निवासी 32 वर्षीय अमन साहू, पिता हेमंत साहू, कुरेली बिजली सब-स्टेशन में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। शनिवार सुबह करीब 6 बजे जब दूसरे ऑपरेटर शिफ्ट बदलने पहुंचे, तो उन्होंने अमन साहू को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा पाया।

तत्काल इसकी सूचना अधिकारियों और परिजनों को दी गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह करंट लगना बताया जा रहा है। हिर्री पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की असली वजहों की जांच शुरू कर दी है।

विभागीय अधिकारी पर हमला और गंभीर आरोप……
ऑपरेटर की मौत की खबर के बाद जब बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री मिलिंद पाण्डेय (58) 31 अक्टूबर को शाम करीब 4:30 बजे कुरेली सब-स्टेशन के पास परिजनों से बातचीत और मामले की जानकारी लेने पहुंचे, तभी स्थिति बिगड़ गई।

शिकायत के मुताबिक, ओमप्रकाश कौशिक, दीपक कौशिक, पंकज कौशिक, शुभम कौशिक और उनके साथियों ने वहां पहुंचकर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि इन लोगों ने कार्यपालन यंत्री के साथ गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और उन पर हमला कर दिया। इस मारपीट में यंत्री के दाहिने कंधे और पीठ पर चोटें आई हैं।
इसके अलावा, विभाग के तकनीशियन वितरण चेतनानंद दुबे को भी धमकाने और पावर ट्रांसफार्मर के करंट में धकेलने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। सहायक लाइनमैन विजय मानिकपुरी ने आरोपियों की पहचान करने में पुलिस की मदद की।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर…….
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना हिर्री में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी निरीक्षक दामोदर प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने नामजद आरोपियों (ओमप्रकाश कौशिक, दीपक कौशिक, पंकज कौशिक, शुभम कौशिक) और उनके साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121, 132, 296, 115(2), 351(2) एवं 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है।
इस घटना ने एक तरफ जहां बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस अब हादसे के कारणों के साथ-साथ शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट के मामले में बारीकी से जांच कर रही है।



