
बिलासपुर सेंट्रल जेल में हत्याकांड के बाद बाल संप्रेषण गृह में देर रात्रि ड्यूटी में तैनात प्रहरी की निर्मम हत्या….परिजनों ने लगाया बाल संप्रेषण गृह के अधिकारियों पर गंभीर आरोप…हत्या करने के बाद फरार हुए चारों नाबालिग….
बिलासपुर-शहर के नूतन चौक के पास स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में पदस्थ एक सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि गार्ड के हाथ-पैर बांधकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में नरेंद्र कुमार खाण्डे (42 वर्ष), पिता फेंकूलाल खाण्डे, सहायक सह रात्रि चौकीदार के रूप में सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी कर रहे थे। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र कुमार खाण्डे के हाथ-पैर गमछे से बांधे गए थे, उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, गला दबाया गया और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया। परिजनों का कहना है कि यह सुनियोजित हत्या है और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह समेत जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
मौके पर मौजूद परिजनों ने विभागीय अधिकारियों पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि नरेंद्र कुमार खाण्डे लंबे समय से अपने तबादले के लिए आवेदन कर रहे थे, लेकिन विभाग ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उनका तबादला कर दिया जाता, तो शायद यह घटना नहीं होती।
4 आरोपियों ने दिया घटना को अंजाम और मौके से हुए फरार…..
घटना को 4 नाबालिग बंदी बंदियों द्वारा अंजाम दिया गया है बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 3 रायगढ़ और 1 कोरबा जिले के गंभीर अपराधों में बाल संप्रेक्षण गृह में बंद थे जो घटना को अंजाम देने के बाद बाल संप्रेक्षण गृह से फरार हो गए
फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



