
गतौरा में लाठी-डंडों से पीटकर युवक की नृशंस हत्या…..
बिलासपुर–न्यायधानी बिलासपुर में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। अपराधियों में पुलिस का खौफ मानो खत्म सा हो गया है। इसका ताजा और खौफनाक उदाहरण मस्तूरी थाना क्षेत्र के गतौरा गांव में देखने को मिला, जहां एक युवक की लाठी-डंडों से पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस खूनी संघर्ष में चार अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इस वारदात ने बिलासपुर पुलिस के चुस्त कानून व्यवस्था के दावों की हवा निकाल दी है।
त्यौहार के दिन शराबियों का तांडव, पुलिस रही नदारद…
जानकारी के अनुसार, गतौरा गांव में बिदर त्यौहार का माहौल था। त्यौहार के समय क्षेत्रों में विशेष पुलिस गश्त होनी चाहिए, लेकिन मस्तूरी पुलिस की लापरवाही का आलम यह रहा कि गांव में सरेआम शराबियों का जमावड़ा लगा रहा। शराब के नशे में धुत आरोपियों ने पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू किया और देखते ही देखते यह विवाद खूनी खेल में बदल गया। हमलावरों ने शैलेष राठौर नामक युवक पर लाठी-डंडों से इस कदर जानलेवा हमला किया कि उसकी जान ही चली गई।
बीट सिस्टम और खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल…..
यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी भी क्षेत्र में पुरानी रंजिश की जानकारी रखना वहां के बीट प्रभारियों और पुलिस के मुखबिर तंत्र का काम होता है।मस्तूरी पुलिस यदि समय रहते पुलिस ने असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी होती और त्यौहार के मद्देनजर गांव में गश्त की होती, तो शायद शैलेष राठौर की जान नहीं जाती।




