अरपा में 70 नालों का गंदा पानी…..बैराज की उपयोगिता पर सवाल……प्रेस क्लब के “हमर पहुना”में बेलतरा “विधायक सुशांत शुक्ला” बोले- नदी को प्रदूषण मुक्त करना है तो नालों का पानी रोकना होगा…..नगर निगम के इंजीनियरों की तय हो जिम्मेदारी…..

बिलासपुर–शहर की जीवनरेखा अरपा नदी में 70 नालों का गंदा पानी सीधे छोड़े जाने से उसे प्रदूषण मुक्त रखना बड़ी चुनौती बन गया है। करोड़ों रुपए खर्च कर बैराज तो बना दिए गए, लेकिन नालियों के व्यवस्थित निर्माण और सीवरेज के पर्याप्त ट्रीटमेंट की व्यवस्था नहीं होने से बैराज की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर निगम के इंजीनियरों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, जिन्होंने शहर की इस महत्वपूर्ण नदी के साथ लापरवाही बरती। यह बात बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बुधवार को बिलासपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुंना ‘ कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि अरपा में 70 नालों का पानी बह रहा है। ऐसे में केवल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नालों के पानी को व्यवस्थित तरीके से ट्रीट कर नदी में पहुंचाने की व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने करोड़ों रुपए की लागत से सड़क और बैराज का निर्माण कराया, लेकिन नालियों का पर्याप्त प्रावधान नहीं किया गया। इसका खामियाजा आज शहर और अरपा नदी दोनों को भुगतना पड़ रहा है।

विकास के लिए बाजार और यातायात दोनों जरूरी…..
शुक्ला ने कहा कि बिलासपुर के सामने सबसे बड़ी चुनौती यातायात की बेहतर व्यवस्था के साथ बाजार का विस्तार करना है। उनका मानना है कि विकास हमेशा बाजार के आसपास आता है। राजधानी के नजदीक होने के कारण बिलासपुर में व्यापार और बाजार की बड़ी संभावनाएं हैं। इसके लिए बेहतर सड़क, यातायात और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के संचालन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत…..

स्वास्थ्य सुविधाओं पर विधायक ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनकर तैयार है और ओपीडी भी शुरू हो चुकी है, लेकिन इसके सुचारू संचालन के लिए डीएम और उससे ऊपर की विशेषज्ञता वाले डॉक्टरों की उपलब्धता जरूरी है। देश में ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या सीमित है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा को सेवा क्षेत्र के रूप में मजबूत करने के लिए डॉक्टरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास होना चाहिए। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर बिलासपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग के लिए पूर्व में 700 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्माण लागत अब 1200 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच रही है। कोनी में रामकृष्ण आश्रम के सामने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के समीप उपलब्ध 18 एकड़ जमीन पर इसका निर्माण प्रस्तावित है।

शिक्षा और खेल सुविधाओं पर भी गिनाईं उपलब्धियां…..

विधायक ने कहा कि बिलासपुर उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, 60 वर्ष पुराने शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और आईटीआई को आधुनिक संसाधनों से मजबूत करने की जरूरत है। इंजीनियरिंग कॉलेज की नई बिल्डिंग के लिए करीब 42 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी उन्होंने दी।
खेल सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बीआर यादव खेल परिसर में करीब 70 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न कार्य कराए गए हैं। एथलेटिक्स पवेलियन, हाईमास्ट, आर्चरी सेंटर, कबड्डी के इंडोर-आउटडोर मैदान, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन, क्रिकेट, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

नशे से शुरू होती है अपराध की बुराई…..

अपराध और नशे के सवाल पर शुक्ला ने कहा कि अपराध समाज की बड़ी बुराई है और इसकी शुरुआत अक्सर नशे से होती है। नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी नैतिक जिम्मेदारी है। प्रशासन कार्रवाई कर सकता है, लेकिन जनजागरूकता के बिना समस्या की जड़ तक पहुंचना मुश्किल होगा।

सड़क, नाली और डिवाइडर की जिम्मेदारी एक ही विभाग की हो…..

नगर विकास पर उन्होंने कहा कि अब मुख्य मार्गों के चौड़ीकरण के साथ नालियों का निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद आंतरिक नालियों को मुख्य नालियों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली बार सड़क, डिवाइडर और नाली निर्माण की जिम्मेदारी एक ही विभाग के माध्यम से तय करने की दिशा में काम हो रहा है, ताकि विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी न डाल सकें। उनके अनुसार नगरीय निकाय क्षेत्रों में 300 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य शुरू हो चुके हैं और लगभग इतनी ही राशि के कार्य पाइपलाइन में हैं।

प्रशासनिक आतंकवाद मतलब लालफीताशाही में काम टालना…..

शुक्ला ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी काम को लालफीताशाही के नाम पर लगातार टालते रहना ही उनके अनुसार ‘प्रशासनिक आतंकवाद’ है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए प्रशासनिक तंत्र को जवाबदेह और संवेदनशील बनाना जरूरी है।

जूदेव की पाठशाला से निकले…..

विधायक ने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की राजनीतिक पाठशाला से निकले हैं। उनके अनुसार जूदेव के जीवन से सबसे बड़ा गुण यह सीखा जा सकता है कि जिसके साथ खड़े हों, उसके साथ व्यवहारिकता और प्रतिबद्धता के साथ जीवनभर खड़े रहें। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के अनुभव से सीखने की जरूरत बताते हुए कहा कि राजनीति में बहुत से काम बिना बोले भी किए जाते हैं और नई पीढ़ी को वरिष्ठों के अनुभव से सीख लेकर कमियों को सुधारना चाहिए।

बिलासपुर को विकास के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठना होगा……

शुक्ला ने कहा कि बिलासपुर की सबसे बड़ी वैचारिक कमी यह है कि शहर के विकास के लिए संघर्ष की भावना कमजोर हुई है। सभी वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर के हित में एकजुट होने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी दल की हो, विकास के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। उनका लक्ष्य बिलासपुर को फिर से ऐसा शहर बनाना है, जहां लोग बेहतर जीवन और रोजगार की संभावनाओं के लिए आना पसंद करें।

Related Articles

Back to top button