
पौने तीन साल के सरकार के कामकाज पर युवाओं का भरोसा लौटने लगा…. पीएससी की चयन प्रक्रिया पर उठे सवालों से युवाओं का भरोसा उठ गया था…. प्रेस क्लब के हमर पहुना कार्यक्रम में विश्व विजय सिंह तोमर ने रखी बात…..
बिलासपुर–पीएससी की चयन प्रक्रिया पर उठे सवालों से युवाओं का व्यवस्था से भरोसा डगमगा गया था। पांच साल तक ब्यूरोक्रेट्स और राजनीतिक परिवारों से जुड़े लोगों के चयन के आरोपों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में यह धारणा मजबूत कर दी थी कि मेहनत के बावजूद अवसर पहले से तय हैं।

अब सरकार के पौने तीन साल के कार्यकाल में युवाओं का यह भरोसा लौटाने का दावा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने रविवार को बिलासपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुंना’ कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के आत्मविश्वास की वापसी को प्राथमिकता दी जा रही है।

तोमर ने कहा कि शिक्षा रोजगार और स्वरोजगार का सबसे बड़ा माध्यम है। कोई युवा 10, 15 या 20 साल तक पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है। ऐसे में यदि उसे यह महसूस हो कि जिस पद के लिए वह मेहनत कर रहा है, वह अवसर पहले से किसी और के लिए तय है, तो स्वाभाविक रूप से सरकार और सिस्टम के प्रति उसका विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इस विश्वास को बहाल करने की दिशा में लगातार काम किया गया है।

अब चयनित युवा सम्मान से गांव में घूम रहा….
युवा आयोग अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में आए दो पीएससी परिणामों में चयनित युवाओं की स्थिति बदली हुई नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि चयनित युवा अपने गांव में माला पहनकर घूम रहा है, चौक-चौराहों पर उसका स्वागत हो रहा है। उसे कहीं छिपने की जरूरत नहीं पड़ रही, क्योंकि उसे भरोसा है कि वह अपनी मेहनत के दम पर इस मुकाम तक पहुंचा है। उन्होंने इसे युवाओं के बीच व्यवस्था पर लौट रहे विश्वास और आत्मविश्वास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
हर जिले में मुफ्त पीएससी कोचिंग का प्रयास…..
तोमर ने कहा कि युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी फोकस किया जा रहा है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुफ्त प्रशासनिक सेवा और पीएससी कोचिंग शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि आर्थिक स्थिति किसी प्रतिभाशाली युवा की तैयारी में बाधा नहीं बननी चाहिए।
परीक्षा की तैयारी के साथ युवाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए मोटिवेशनल कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। बिलासपुर, रायपुर और अंबिकापुर में छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रेरित करने के लिए ‘सुपर-30’ के आनंद कुमार को भी आमंत्रित किया गया।
खेल प्रतिभाओं को भी सम्मान….
उन्होंने बताया कि युवाओं को केवल शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं रखते हुए खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी पहल की जा रही है। युवा रत्न और खेल रत्न सम्मान के माध्यम से प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है, जहां युवा रत्न सम्मान दिया जा रहा है।
तोमर ने कहा कि युवाओं के मार्गदर्शन, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और प्रतिभाओं को मंच देने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के भरोसे आगे बढ़ सके।



