
फूटपाथ को अतिक्रमण मुक्त करने अभियान चलाएं,फूटपाथ का उपयोग पैदल चलने के लिए ही हो-निगम कमिश्नर……बारिश में साफ-सफाई और पेयजल का विशेष ध्यान रखें…..सड़क पर निर्माण सामग्री नहीं दिखना चाहिए-निगम कमिश्नर…..निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने ली अधिकारियों की समीक्षा बैठक…… लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश…..
बिलासपुर। नगर पालिक निगम बिलासपुर के कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय कार्यों, शासन की योजनाओं, जनशिकायतों तथा लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान बैठक में निगम कमिश्नर ने सुप्रीम कोट के आदेश का हवाला देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के सभी फूटपाथ अतिक्रमण मुक्त हो और उसका उपयोग सिर्फ पैदल चलने के लिए ही होना चाहिए।इसके क्रियान्वयन के लिए ट्रैफिक विभाग से समन्वय कर प्रभावी कार्रवाई करें। विदित है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को देशभर में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और अतिक्रमण-मुक्त रास्ते सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि पैदल मार्ग को मोटर वाहनों से अलग रखा जाए और दो सप्ताह में उठाए गए कदमों की जानकारी पेश की जाए।अदालत ने कहा कि जरूरत पड़ने पर रस्सी, बैरिकेड या अन्य सरल उपायों से भी पैदल मार्ग को मोटर वाहनों की लेन से अलग किया जा सकता है। समीक्षा बैठक में निगम कमिश्नर ने कहा कि बारिश लगातार जारी है,इस दौरान साफ-सफाई और पेयजल के गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति का विशेष ध्यान रखें। बारिश में सफाई की वजह से व्यवस्था चरमराना नहीं चाहिए। बैठक में निगम कमिश्नर श्री सर्वे ने नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने, शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन, सुशासन तिहार 2026 में प्राप्त आवेदनों, कलेक्टर टीएल, जनदर्शन, पीजीएन, पीएमओ ई-समाधान एवं जनशिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। इसी तरह ओबीसी सर्वेक्षण एवं डेटा प्रविष्टि, निदान-1100 में लंबित शिकायतों, लोक सेवा गारंटी तथा सेवा सेतु पोर्टल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए ऑनलाइन पोर्टलों पर प्राप्त प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।कमिश्नर ने निगम क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। साथ ही सांसद, विधायक एवं प्रभारी मंत्री निधि से स्वीकृत कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कर उनकी प्रगति की नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करें।बैठक में आगामी गणेश प्रतिमा एवं दुर्गा प्रतिमा विसर्जन व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को पर्याप्त व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके अलावा पारस पोर्टल, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सुग्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल, ए.बी.सी. रूल्स, सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के कंटेम्प्ट प्रकरणों, प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना तथा गौठान/कांजी हाउस संचालन की स्थिति की समीक्षा की गई। न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाब प्रस्तुत करने तथा न्यायालय के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए गए।कमिश्नर ने ई-ऑफिस, आई-गॉट कर्मयोगी, ई-एचआरएमएस एवं स्पैरो से संबंधित कार्यों की भी जानकारी ली और अधिकारियों-कर्मचारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।बैठक में शहर की मूलभूत नागरिक सुविधाओं पर विशेष जोर देते हुए नाला-नालियों की सफाई, पेयजल व्यवस्था, भवन निर्माण अनुमति एवं अवैध प्लॉटिंग की स्थिति की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने बरसात के मद्देनजर नाला-नालियों की नियमित सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। अवैध प्लॉटिंग एवं बिना अनुमति निर्माण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।वहीं निगम की वित्तीय स्थिति एवं बिजली बिल भुगतान की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने राजस्व एवं वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने, लंबित देनदारियों की निगरानी करने तथा आवश्यक भुगतानों को नियमानुसार समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निगम के प्रत्येक विभाग की कार्यप्रणाली सीधे नागरिकों से जुड़ी है। इसलिए अधिकारी अपने-अपने विभाग के लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और समय-सीमा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराएं। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी विभागों के नोडल ऑफिसर,जोन कमिश्नर और इंजीनियर उपस्थित रहें।



