नेचर कैंप बोईरपड़ाव खोंधरा में गूंजा वन्यजीव संरक्षण का संदेश….प्लास्टिक मुक्त अभियान के साथ विद्यार्थियों ने लिया प्रकृति बचाने का संकल्प…..

बिलासपुर–वन्यप्राणियों और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वन परिक्षेत्र बिलासपुर अंतर्गत नेचर कैंप बोईरपड़ाव खोंधरा में वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
यह आयोजन मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज पांडेय, वनमंडल अधिकारी नीरज तथा उप वनमंडलाधिकारी टी.आर. मरई के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक आवासों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।
प्लास्टिक मुक्त कैंपेन और स्वच्छता अभियान
नेचर कैंप बोईरपड़ाव खोंधरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया गया। वन क्षेत्र और कैंप परिसर में व्यापक साफ-सफाई की गई। इस दौरान लोगों को प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के बारे में जानकारी देते हुए वन क्षेत्रों में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और कचरा खुले में नहीं फेंकने के लिए प्रेरित किया गया।
वन विभाग ने बताया कि प्लास्टिक और अन्य कचरे से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में जंगल और उसके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखना वन्यप्राणी संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विद्यार्थियों के बीच क्विज और निबंध प्रतियोगिता
अभियान को व्यापक रूप देते हुए सोंठी सर्किल के विभिन्न विद्यालयों में भी वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए वन्यजीव संरक्षण विषय पर क्विज प्रतियोगिता और निबंध लेखन प्रतियोगिता कराई गई।
प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यजीवों की उपयोगिता, जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व की जानकारी दी गई। वन विभाग का उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।
सामूहिक भागीदारी से बना अभियान प्रभावी
कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा, उड़नदस्ता प्रभारी ऋतु साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सफाई दीदियां, कोंडरा सर्किल प्रभारी नागेन्द्र मिश्रा सहित वन विभाग के परिसर रक्षक और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सामूहिक भागीदारी से अभियान को व्यापक स्वरूप मिला। कार्यक्रम के दौरान सभी ने स्वच्छता बनाए रखने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा वन्यप्राणियों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
वन विभाग के इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को वन्यजीवों के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




