
आठ हत्याओं का साइको किलर……. आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार…..
बिलासपुर–छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार के खर्वे गांव में चार महीने तक मौतें होती रहीं, लोग इसे बीमारी, किस्मत और संयोग मानते रहे। लेकिन जब पुलिस ने परत-दर-परत जांच की तो सामने आया ऐसा खौफनाक सच, जिसने पूरे प्रदेश को हिला दिया। गांव का ही एक शख्स अपने परिचितों को शराब में जहर घोलकर मौत के घाट उतारता रहा, और हर बार खुद को मददगार साबित करता रहा। 8 हत्याओं और 1 हत्या के प्रयास के इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने कथित ‘साइको किलर’ को गिरफ्तार कर लिया है।फरवरी से मई 2026 के बीच खर्वे गांव में लगातार 8 लोगों की संदिग्ध मौत हुई। शुरुआत में इन मौतों को सामान्य माना गया, लेकिन एक के बाद एक मौतों ने पूरे गांव को दहला दिया। ग्रामीणों ने पुलिस को आवेदन देकर गांव के ही रामसहाय जायसवाल पर शक जताया, जिसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की।जांच में सामने आया कि आरोपी ने सबसे पहले जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया। सफलता मिलने के बाद उसने अपने परिचितों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोपी “सुहागा” नामक जहरीला पदार्थ चूहे मारने की दवा के बहाने लाया और शराब में मिलाकर लोगों को पिलाता रहा।पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, जमीन विवाद, पत्नी पर गलत नजर, कर्ज और टोना-टोटका जैसे कारणों से एक-एक कर लोगों को मार डाला। हर हत्या के पीछे उसकी व्यक्तिगत दुश्मनी और मानसिक कुंठा काम कर रही थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 7 शवों का उत्खनन कराया और उन्हें पोस्टमार्टम तथा फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा। एक मृतक का अंतिम संस्कार पहले ही हो चुका था। तकनीकी साक्ष्य और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी हर मौत के बाद खुद पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा दिखाई देता था। अस्पताल ले जाने से लेकर कफन-दफन तक में शामिल होकर वह लोगों को गुमराह करता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो।




