शिवसेना की 18 सीटों पर नजर…. भाजपा से मांगेगी 20 फीसदी हिस्सेदारी… राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने महाराष्ट्र से बाहर विस्तार की तैयारी….. निकाय चुनाव में सभी प्रभावित क्षेत्रों में उतारेगी प्रत्याशी…..

बिलासपुर–छत्तीसगढ़ की आगामी विधानसभा चुनावी तैयारियों के बीच शिवसेना ने एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर अपना दावा स्पष्ट कर दिया है। बिलासपुर पहुंचे शिवसेना एनडीए गठबंधन के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा ने कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा से 20 फीसदी यानी 18 सीटों की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि शिवसेना को महाराष्ट्र तक सीमित रखने के बजाय उन राज्यों में विस्तार किया जाएगा, जहां पार्टी का प्रभाव और संगठन मौजूद है। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने की दिशा में यह विस्तार महत्वपूर्ण होगा।
श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट और शिवसेना से जुड़े विषयों पर आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पार्टी स्थानीय मुद्दों, छत्तीसगढ़ी भाषा, मूल्यों और विकास को चुनाव का आधार बनाएगी। उन्होंने कहा कि शिवसेना हिंदू राष्ट्र, गौ रक्षा, विकास, राष्ट्रवाद और सनातन के मुद्दों के साथ आगे बढ़ रही है। पार्टी का कहना है कि वह रूढ़िवादी राजनीति तक सीमित नहीं है और स्थानीय चुनाव स्थानीय मुद्दों तथा राष्ट्रीय चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़ेगी।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शिवसेना के सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है और एनडीए में भाजपा व टीडीपी के बाद शिवसेना को तीसरे नंबर की पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में शिवसेना का प्रभाव है, वहां संगठन विस्तार के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी है।

निकाय चुनाव में भी उतारेगी प्रत्याशी……

डॉ. वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जिन 5-6 जिलों में आगामी नगरीय निकाय चुनाव होने हैं, वहां शिवसेना अपने प्रत्याशी उतारेगी। पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ में कई स्तरों पर योजनाएं तैयार की गई हैं।
श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट के कार्यक्रमों का भी उल्लेख……
प्रेसवार्ता में उन्होंने अपने पिता पूर्व राज्यसभा सांसद श्रीकांत वर्मा और माता पूर्व राज्यसभा सांसद वीणा वर्मा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट इंडिया की ओर से साहित्यकार अशोक वाजपेयी को साहित्यिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पत्रकारिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय सम्मान जनवरी में मुंबई में प्रदान किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।
माता-पिता के कांग्रेस से जुड़े रहने के सवाल पर डॉ. वर्मा ने कहा कि उनके पिता के समय की विचारधारा और मूल्यों वाली कांग्रेस अब नहीं रही। उन्होंने कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी और मुस्लिम लीग के बीच समानता का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं पहले भी कांग्रेस में नहीं थे और राष्ट्र सेवा को सर्वोपरि मानने के कारण शिवसेना में हैं।

धर्मांतरण, गौ-संरक्षण और सनातन संस्कृति
डॉ. अभिषेक वर्मा ने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण से जुड़े मुद्दों, सनातन धर्म में वापसी, गौ-संरक्षण तथा गौहत्या पर रोक जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि शिवसेना संवैधानिक एवं सामाजिक दायरे में रहते हुए इन विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगी।डॉ.अभिषेक वर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में सनातन धर्म को छोड़कर जो लोग जा रहे है।उनको घर वापसी का काम भी किया जा रहा है।मेरे दो दिवसीय प्रवास के दौरान आज बुधवार को लगभग 25 परिवारों को घर वापसी कराया गया।वही धर्मांतरण को रोकने के लिए समाज को अच्छी शिक्षा के साथ उनको जागरूक करना भी बहुत जरूरी है।

मजबूत हुआ पुराना रिश्ता
प्रवास के समापन पर डॉ. वर्मा ने बिलासपुर की जनता, शिवसेना पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों, नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बिलासपुरवासियों से मिला सम्मान उनके और उनके परिवार के लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने बिलासपुर और श्रीकांत वर्मा परिवार के संबंधों को भविष्य में और मजबूत होने की उम्मीद जताई।

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