
रेलवे साइडिंग में हर दिन हजारों की अवैध वसूली करने वाले रैकेट का ज्वालामुखी फूटा…..गुंडा टैक्स समेत हर का रेट तय, सरकारी विभाग भी अछूता नहीं….. गिरोह की मोनोपली से एसोसिएशन का सब्र टूटा….. उसलापुर रेलवे साइडिंग में ‘गुंडा टैक्स’ और 26 साल पुराने सिंडिकेट के खिलाफ ट्रक ऑपरेटरों का बड़ा आंदोलन……
बिलासपुर–रेलवे के सामानों के लोडिंग-अनलोडिंग के बरसों से चली रहीं ” रेकेट ” पर अब जाकर भ्रष्टाचार का ज्वालामुखी फूटा है।इस भ्रष्टाचार पर अनेक विभाग और व्यक्ति को लपेटे में लिया है।ट्रक ओनर वेलफेयर एसोसिएशन के इस खुलासे और आरोपों की लंबी फेहरिस्त जारी किया है।इससे आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू होगा।उसलापुर ट्रक ओनर वेलफेयर एसोसिएशन ने उसलापुर रेलवे साइडिंग में कथित भ्रष्ट सिंडिकेट, अवैध वसूली और एकाधिकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों को संयुक्त ज्ञापन सौंपा है।

एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ निर्माण के समय से ही कुछ प्रभावशाली लोग PDS, धान परिवहन और FCI ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर कब्जा जमाए हुए हैं और स्थानीय ट्रक मालिकों को व्यवस्थित रूप से बाहर रखा जा रहा है, एसोसिएशन के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 21 मई 2026 को तारबाहर गुड शेड को बंद कर समस्त लोडिंग-अनलोडिंग कार्य उसलापुर रेलवे साइडिंग में स्थानांतरित किए जाने के बाद पुराने सिंडिकेट की गतिविधियों को लेकर स्थानीय ट्रांसपोर्टरों में भारी आक्रोश है। संगठन का आरोप है कि वर्षों से तारबाहर में सक्रिय समूह अब उसलापुर में भी वही अवैध व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है।

ज्ञापन में महेंद्र सिंह छाबड़ा उर्फ मंगल छाबड़ा और अभयनारायण राय को पूरे कथित सिंडिकेट का मुख्य सूत्रधार बताया गया है। आरोप लगाया गया है कि पिछले 26 वर्षों से यही समूह PDS, धान, सीमेंट और FCI परिवहन के बड़े ठेकों पर नियंत्रण बनाए हुए है तथा नए स्थानीय ऑपरेटरों को काम नहीं करने दिया जाता।

संगठन ने वर्तमान अध्यक्ष शत्रुघ्न रात्रे पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में दावा किया गया है कि व्यापारियों से प्रति रैक ₹10,000 तक “गुंडा टैक्स” वसूला जाता है, जबकि ट्रैफिक पुलिस के नाम पर ₹11,000 प्रति रैक की कथित लेवी ली जाती है। इसके अलावा RTO, रेलवे और स्थानीय पुलिस के नाम पर भी ट्रक मालिकों से अलग-अलग राशि वसूले जाने का आरोप लगाया गया है। मजदूरों की मजदूरी से भी प्रति कट्टा कटौती कर प्रतिदिन हजारों रुपये की अवैध कमाई का दावा किया गया है।एसोसिएशन ने कहा कि तारबाहर साइडिंग में पिछले 40 वर्षों से केवल सीमित ट्रक मालिकों और श्रमिकों के जरिए पूरा काम संचालित किया जा रहा था, जिससे छोटे ट्रांसपोर्टर आर्थिक रूप से बर्बाद हो गए। संगठन का आरोप है कि जो भी व्यक्ति इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे काम से बाहर कर दिया जाता है।

मामले में एक और बड़ा आरोप लगाते हुए एसोसिएशन ने कहा कि सिंडिकेट के सदस्य आरिफ मिर्जा द्वारा पुलिस, आयकर, GST और फर्म्स एंड सोसाइटीज विभाग में शिकायत दर्ज कराने के बाद अब उन शिकायतों को दबाने की कोशिश की जा रही है। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों और राजनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल कर प्रशासनिक कार्रवाई को प्रभावित करने का प्रयास हो रहा है, ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभयनारायण राय द्वारा राजनीतिक संरक्षण देकर सिंडिकेट को मजबूती प्रदान की जा रही है। नेताओं और मंत्रियों के साथ तस्वीरें दिखाकर प्रशासन पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।

एसोसिएशन ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उसलापुर रेलवे साइडिंग में स्थानीय 300 ट्रक मालिकों और 450 हमाल श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी प्रकार के बाहरी सिंडिकेट और अवैध वसूली पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही आरिफ मिर्जा की शिकायतों की निष्पक्ष जांच और पिछले 26 वर्षों से परिवहन व्यवस्था में सक्रिय कथित सिंडिकेट की विस्तृत जांच की भी मांग की गई है, संगठन का दावा है कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक धर्मजीत सिंह ठाकुर, धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, अटल श्रीवास्तव और सुशांत शुक्ला सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



