
लोखंडी में गैंगवार के बाद युवक की मौत… एकतरफा कार्रवाई का आरोप…. बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण पहुंचे एसएसपी कार्यालय…..
बिलासपुर–शहर के नजदीकी क्षेत्र लोखंडी में बीते दिनों हुए दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष और गैंगवार के मामले में एक घायल युवक की रायपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई है। युवक की मौत के बाद मामला अत्यधिक संवेदनशील हो गया है। पुलिस द्वारा हत्या की धाराओं के तहत दर्ज की गई एफआईआर और की जा रही गिरफ्तारियों पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने बिलासपुर पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी की कार्यप्रणाली पर पक्षपात का सीधा आरोप लगाया है।
घरों में घुसकर मारपीट करने वाले बाहरी तत्व बेखौफ, निर्दोषों को जेल भेजने का आरोप……
बीते सफ्ताह के सोमवार को हुए विवाद के दौरान बाहरी तत्वों ने बड़ी संख्या में गांव में पहुंचकर दहशत फैलाई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि हमलावरों ने घरों के दरवाजे तोड़कर महिलाओं और परिजनों के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की, यहां तक कि कुछ लोगों को छत से नीचे फेंकने का प्रयास भी किया गया।परिजनों का गंभीर आरोप है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय एकतरफा कार्रवाई कर रही है। गांव के सरपंच जिन चार युवकों को पूछताछ के नाम पर पुलिस के सुपुर्द करने ले गए थे, उन्हें ही हत्या का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। पीड़ित परिवारों ने सवाल उठाया है कि आत्मरक्षा करने वाले स्थानीय ग्रामीणों को आरोपी बना दिया गया। जबकि गांव में घुसकर उत्पात मचाने वाले मुख्य बाहरी हमलावरों पर पुलिस मेहरबान है।
एसएसपी की निष्पक्षता पर उठे सवाल…..
मामले में बिलासपुर पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि पुलिस प्रशासन निष्पक्षता से जांच नहीं कर रहे है।निष्पक्ष साक्ष्यों के आधार पर बाहरी हमलावरों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है।
दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिक कार्रवाई की गई है और जांच जारी है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस केवल अपनी विफलता छिपाने के लिए आनन-फानन में निर्दोषों को बलि का बकरा बना रही है। अब देखना यह होगा कि एसएसपी बिलासपुर इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हैं या ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर नजर आएगा।




