
बिलासपुर की बेटी वंदिता साहू ने संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति (सी सी आर टी ) शास्त्रीय गायन में प्राप्त करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन किया….
बिलासपुर– छत्तीसगढ़ की होनहार बेटी वंदिता साहू ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन किया है। मात्र 13 वर्ष की आयु में वंदिता का चयन भारत सरकार द्वारा शास्त्रीय संगीत में छात्रवृत्ति के लिए किया गया है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

बिलासपुर निवासी वंदिता साहू बचपन से ही संगीत के प्रति विशेष रुचि रखती हैं। उन्होंने केवल 3 वर्ष की उम्र से ही संगीत साधना शुरू कर दी थी। वर्तमान में वे शास्त्रीय संगीत की शिक्षा श्री मति पुष्पा शर्मा मैम एवं डॉ. राजकुमार शर्मा सर से प्राप्त कर रही हैं, जिनके मार्गदर्शन में उनकी कला निरंतर निखर रही है।
वंदिता ने महज 7 वर्ष की उम्र से ही सुंदरानी फिल्म्स के साथ एल्बम गीत गाना शुरू कर दिया था। आज के समय में वे 70 से अधिक एल्बम गीतों में अपनी मधुर आवाज दे चुकी हैं, जो उनकी लगन और समर्पण को दर्शाता है।
शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ वंदिता छत्तीसगढ़ी एवं अन्य प्रादेशिक भाषाओं में भी गायन करती हैं, जिससे उनकी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय मिलता है।वंदिता ने छत्तीसगढ़ के अलावा देश के प्रमुख शहरों जैसे हैदराबाद, कोलकाता और चेन्नई में भी अपनी प्रस्तुति दी है।
उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए उन्हें “छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान” सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
वंदिता साहू आज न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बन चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची लगन और मेहनत से छोटी उम्र में भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।



