
श्मशानघाट में आधी रात चीफ जस्टिस की तस्वीर…..चार युवक पहुंचे थे पूजा सामग्री लेकर……एक युवक चढ़ा ग्रामीणों के हत्थे……
बिलासपुर-सीपत थाना क्षेत्र के देवरी गांव स्थित श्मशानघाट में आधी रात कथित तंत्र-मंत्र किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चार युवक देर रात पूजा सामग्री लेकर श्मशानघाट पहुंचे थे। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियां देख ग्रामीणों को संदेह हुआ और वे मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को आता देख युवक भागने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर एक युवक ऋषिकेश कुमार को पकड़ लिया।
मौके की जांच के दौरान मछली, नींबू, नारियल, सिंदूर सहित अन्य पूजा सामग्री बरामद होने की बात सामने आई है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि श्मशानघाट में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की तस्वीर भी रखी मिली। इसके अलावा दो अन्य युवकों की तस्वीरें भी मौके पर रखी गई थीं।
जमानत से जोड़कर देखा जा रहा मामला…..
जानकारी के मुताबिक, तस्वीरों में एक युवक की पहचान उस व्यक्ति के रूप में बताई जा रही है, जिस पर चाकूबाजी के मामले में आरोपी ने हमला किया था। वहीं दूसरी तस्वीर प्रियांशु बोले की बताई जा रही है। प्रियांशु बोले चाकूबाजी के मामले में जेल में बंद है और उसे अब तक जमानत नहीं मिली है।
इसी मामले में आरोपी ओम बोले को हाल ही में जमानत मिलने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि ओम बोले और प्रियांशु बोले आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस अपनी जांच में यह आशंका जता रही है कि प्रियांशु बोले को जमानत दिलाने की मंशा से कथित तांत्रिक गतिविधि की जा रही थी। इसी क्रम में जमानत देने वाले न्यायिक पदाधिकारी के रूप में चीफ जस्टिस की तस्वीर भी वहां रखे जाने की बात कही जा रही है।
एक आरोपी पकड़ा गया, अन्य की तलाश……
ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए ऋषिकेश कुमार को पुलिस के हवाले किया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की है। वहीं मौके से फरार हुए अन्य युवकों की पहचान की जा रही है। पुलिस द्वारा उनकी भूमिका की जांच कर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि श्मशानघाट में कथित तंत्र-मंत्र के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका कितनी थी। मामले में सामने आए तथ्यों और बरामद सामग्री के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।



