
आधी रात पब में हाई-वोल्टेज ड्रामा, बाहर नशे में युवती का तांडव…..डायल-112 और पेट्रोलिंग टीम भी पहुंची…..फिर भी नहीं थमा हंगामा…..देर रात तक शराबखोरी पर पुलिस-आबकारी की निगरानी पर उठे सवाल…..
बिलासपुर–पुराने बस स्टैंड मार्ग के एक होटल में शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात देर तक कथित रूप से चल रही शराबखोरी के बीच उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा खड़ा हो गया, जब स्पा सेंटर में काम करने वाली एक युवती ने होटल के बाहर जमकर हंगामा मचा दिया। नशे में धुत्त युवती के हंगामे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह काफी देर तक उत्पात करती नजर आ रही है और पब में तैनात बाउंसर उत्पात मचा रही युवती को नियंत्रित करने का असफल प्रयास करते रहे।

बताया जा रहा है कि युवती पहले होटल के पब में शराब पी रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और उसे बाहर कर दिया गया। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने होटल के बाहर ही हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
डायल-112 और पेट्रोलिंग टीम भी पहुंची, लेकिन नहीं थमा ड्रामा…..
हंगामे की सूचना के बाद डायल-112 और सिविल लाइन थाना की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने युवती को समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि युवती का मोबाइल थाना ले जाने की बात भी हुई, लेकिन उसे थाने ले जाने की कार्रवाई नहीं हो सकी।
पूरे घटनाक्रम ने रात में पुलिस की पेट्रोलिंग और मौके पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
देर रात तक शराबखोरी… तो जिम्मेदार कौन……?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि होटल के पब में निर्धारित समय के बाद भी शराबखोरी चल रही थी, तो इसकी निगरानी कौन कर रहा था? आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी रात में लाइसेंसी बार-पब की गतिविधियों की जांच करते हैं या नहीं? और यदि नियमों के विपरीत संचालन मिला, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की होटल पंजीयन संबंधी जानकारी में बार लाइसेंस को आवश्यक दस्तावेजों में शामिल किया गया है। ऐसे में संबंधित होटल के बार/पब का लाइसेंस, स्वीकृत संचालन समय और मौके पर शराब परोसे जाने की अनुमति की जांच किया जाना जरूरी है।
पिछले शनिवार भी हुआ था हंगामा…..?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि पिछले शनिवार को भी इसी युवती ने कथित रूप से इसी स्थान पर हंगामा किया था। उस समय घटना का वीडियो सामने नहीं आया था। इस बार वीडियो वायरल होने के बाद देर रात तक संचालित हो रहे कथित पब-बार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
‘किसकी शह पर’,जांच से सामने आएगा सच
मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि पुलिस को मौके पर हंगामे की जानकारी मिल चुकी थी। यदि हंगामा शराब के सेवन के बाद हुआ और शराब होटल के पब में परोसी गई थी, तो संबंधित प्रतिष्ठान के संचालन समय, बार लाइसेंस और आबकारी नियमों के पालन की जांच क्यों नहीं हुई।यह सवाल अब उठना स्वाभाविक है।क्या होटल के पब को निर्धारित समय के बाद भी शराब परोसने की अनुमति थी?
क्या आबकारी विभाग की टीम ने कभी देर रात ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच की?क्या पुलिस को पूर्व में भी इस तरह के हंगामे की शिकायत मिली थी?और यदि मिली थी तो कार्रवाई क्या हुई?इन सवालों का जवाब पुलिस और आबकारी विभाग की जांच से ही सामने आ सकता है।
थाना प्रभारी ने कहा–जानकारी नहीं, पूछकर बताएंगे…
मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केवट से जानकारी लेने पर उन्होंने घटना की जानकारी नहीं होने की बात कही और संबंधित स्टाफ से पूछकर जानकारी देने की बात कही। खबर लिखे जाने तक थाना प्रभारी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
बहरहाल अब निगाह इस बात पर है कि वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग संबंधित होटल-पब के लाइसेंस, संचालन समय और शराब परोसने की अनुमति की जांच करते हैं या मामला केवल युवती के हंगामे तक सीमित रह जाता है।



