पंजाब के अमृतसर से हेरोइन लाकर बिलासपुर में खपाने वाला अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार….. अढ़ाई लाख की हेरोइन और नगदी बरामद….. नशे के सौदागरों पर शिकंजा… एसीसीयू बिलासपुर और थाना सकरी की संयुक्त कार्रवाई……

बिलासपुर–छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए बिलासपुर पुलिस लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में, पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में ACCU बिलासपुर और थाना सकरी की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय तस्कर को धर दबोचा है, जो पंजाब से हेरोइन (चिट्टा) लाकर बिलासपुर में बेचने की योजना बना रहा था।

मुखबिर की सूचना पर रेड कार्रवाई……
आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी दौरान, 24 अक्टूबर को ACCU टीम को सूचना मिली कि उसलापुर बाजार के पास एक संदिग्ध व्यक्ति हेरोइन (चिट्टा) बेचने का प्रयास कर रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं ACCU प्रभारी मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान संदिग्ध के कब्जे से 11.73 ग्राम हेरोइन (कीमत करीब ₹2,50,000) और ₹10,500 नगद बरामद किए गए।
पंजाब कनेक्शन का खुलासा
पकड़े गए आरोपी की पहचान दीपक वालिया (उम्र 32 वर्ष, मूल निवासी- सुभाष कॉलोनी, अमृतसर, पंजाब; वर्तमान निवासी- वास्तु शिखर अपार्टमेंट, उसलापुर, बिलासपुर) के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पंजाब के अमृतसर से तस्करों के संपर्क में आकर हेरोइन खरीदकर बिलासपुर लाया था। वह यहां इसकी छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर स्थानीय ग्राहकों को अधिक दामों पर बेचने की फिराक में था।
वैधानिक कार्रवाई और पुलिस टीम की सराहना
थाना सकरी में आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21(बी) एवं 22(बी) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अब इस तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली ACCU और थाना सकरी की पूरी टीम सुदीप सरकार, निरीक्षक गोपाल सतपथी, निरीक्षक संजय सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी की सराहनीय भूमिका रही।जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा उचित पुरस्कार की घोषणा की गई है।
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी कोई भी जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे सौदागरों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सके।



