
लुतरा शरीफ में संदल-चादर और ऑल इंडिया नातिया मुशायरा….. देर रात तक गूंजे नातिया कलाम…..
बिलासपुर– लुतरा शरीफ में शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह रहमतुल्लाहि अलैह के 68वें सालाना उर्स-ए-पाक के मौके पर धार्मिक और रूहानी कार्यक्रमों का सिलसिला जारी है। उर्स के तहत दादी अम्मा साहिबा के संदल-चादर की रस्म अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। वहीं रात में आयोजित ऑल इंडिया नातिया मुशायरे में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे शायरों और नातख्वानों ने नातिया कलाम पेश किए।
दोपहर 3 बजे दादी अम्मा साहिबा के संदल-चादर का कार्यक्रम आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंदों ने कार्यक्रम में शिरकत की और दुआएं मांगीं।
कार्यक्रम में दरगाह इंतजामिया कमेटी के सदर हाजी मो. इकबाल हक, खजांची फैजान अहमद शेबू और नायब खजांची जावेद रब्बानी, मुसरर्फ खान सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
इसके बाद रात 10 बजे ऑल इंडिया नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की सदारत मोहसिने मिल्लत हजरत मौलाना अल्हाज कारी सैयद शब्बीर अहमद अशरफी ने की। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन पाक से हुई, जिसे शाही मस्जिद लुतरा शरीफ के हजरत मौलाना राजब अली नूरानी ने पेश किया।
नातिया मुशायरे में कोलकाता, बिलासपुर सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे शायरों और नातख्वानों ने बारगाह-ए-रिसालत ﷺ में नातिया कलाम पेश किए। मुबारक हुसैन मुबारक और मोहम्मद इलियास अशरफी सहित अन्य नातख्वानों की प्रस्तुतियों ने देर रात तक महफिल में रूहानी माहौल बनाए रखा।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद देर रात तक मौजूद रहे और नातिया कलाम सुनकर नातख्वानों की हौसला-अफजाई की।उर्स में शामिल होने लुतरा शरीफ पहुंच रहे जायरीन की सुविधा के लिए दरगाह इंतजामिया कमेटी की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयोजन को सफल बनाने में कमेटी के पदाधिकारियों, सदस्यों, खादिमों और स्थानीय सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




