
नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को उनका अधिकार दिला कर रहेंगे–श्री कौशिक…..
बिलासपुर–कांग्रेस और विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर अपनी संकीर्ण और महिला विरोधी मानसिकता को उजागर किया है। यह अधिनियम महिलाओं को और अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक एतिहासिक कदम उठाया था लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर मातृशक्ति के अधिकारों का हनन किया है।
शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के जिला बिलासपुर शहर कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कही। इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, भाजपा जिला कोशाध्यक्ष गुलशन ऋशि, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी केके शर्मा, मीडिया सहप्रभारी दुर्गेश पाण्डेय उपस्थित थे। श्री कौशिक ने कहा कि हमारी नियत साफ है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को उनका अधिकार दिला कर रहेंगे। इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाने का पुनः प्रयास कर उनको उनका अधिकार दिलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि यह अधिनियम पारित हो जाता तो भविष्य में देश की दिशा में आमूल चुल परिवर्तन देखने को मिलता। हम महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने कृत संकल्पित है।

कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस अधिनियम का विरोध कर अपने स्वार्थ के लिए महिलाओं को उनका अधिकार से वंचित कर दिया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्वकाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट कर मुस्लिम महिलाओं को उनके हक से वंचित कर दिया गया जिसमें मुस्लिम पुरुषों को अपनी पत्नियों को गुजारा भत्ता देना जरूरी था। इस अन्याय को बाद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ठीक करना पड़ा और उन्होंने ट्रिपल तलाक पर बैन लगा दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष हमेशा नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल के समर्थन में होने का दिखावा करता रहा लेकिन इसे टालने हर बार वे लेकिन, किन्तु, परंतु करते रहे। विपक्ष के लिये महिलाओं के अधिकार और आरक्षण एक मजाक और राजनीतिक सुविधा की बात है जो आज उजागर हो गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब सत्ता में आये तब महिलाएं बहुत बुरी हाल में थी वे खुले में शौच करने में मजबुर थी, उनकि पास गैस सिलेण्डर नहीं थे पेयजल की आपूर्ति नहीं होती थी। सिर ढकने छतें नहीं थी खुले में सोने मजबुर थे। बैंकों में महिलाओं के खाते नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन सभी समस्याओं का समाधान किया। कांग्रेस एवं विपक्षी दलों ने विधानसभाओं एवं लोकसभा में महिलाओं के प्रतिनिधित्व में वृद्धि की बात का विरोध करने लगे और हम विरोध नहीं कर रहे है कह कर अपना बचाव करने लगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब स्वच्छता अभियान चलाया तो विपक्षी मजाक उड़ाने लगे लेकिन आज पूरे देश में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश की महिलाएं नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित नहीं होने देने के विपक्षी चाल से अत्यंत नाराज एवं दुखी है। वे उन्हें इस कृत्य के लिए कभी माफ नहीं करेंगी। कार्यक्रम के प्रारंभ में महापौर पूजा विधानी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित नहीं होने पर रोश जाहिर की।




